सार
भारत सरकार ने नाबार्ड के माध्यम से राजस्थान के केंद्रीय सहकारी बैंकों को 195.25 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता राशि जारी की है। इससे समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 3% प्रोत्साहन और बैंकों को वित्तीय मजबूती मिलेगी।
विस्तार
जयपुर: | सहकारी जगत ग्राउंड रिपोर्ट 8 अक्टूबर |राजस्थान में किसानों को समय पर फसली ऋण चुकारा करने के लिए प्रोत्साहित करने और बैंकिंग ढांचे (Banking Infrastructure) को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समय पर फसली ऋण का चुकारा करने वाले किसानों को देय 3 प्रतिशत ब्याज सहायता और ऋण वितरण पर बैंकों को देय 1.5 प्रतिशत ब्याज सहायता के रूप में 195.25 करोड़ रुपये की यह भारी-भरकम राशि दी राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Apex Bank) के माध्यम से प्रदेश के समस्त केंद्रीय सहकारी बैंकों (District Central Cooperative Banks – DCCBs) के चालू खातों (Current Accounts) में अंतरित कर दी गई है।दि राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, परिचालन अनुभाग (Operations Section), जयपुर द्वारा जारी आधिकारिक एडवाइस (Official Advice) के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया 7 अक्टूबर 2025 को संपन्न हुई। इस वित्तीय सहायता के तहत किसानों के लिए 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान के रूप में 1,18,26,29,665 रुपये (118 करोड़ 26 लाख) तथा बैंकों को ऋण वितरण पर मिलने वाली 1.50 प्रतिशत ब्याज सहायता के रूप में 76,50,41,460 रुपये (76 करोड़ 50 लाख) (शीर्ष बैंक द्वारा किए गए पुनर्भरण समायोजन – Reimbursement Adjustment के पश्चात) सीधे सहकारी बैंकों को मिले हैं। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) से प्राप्त लॉट-वाइज (Lot-wise) सूचना को पृथक से एक्सेल फॉर्मेट (Excel Format) में भी प्रेषित किया जा रहा है, जिससे सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में पारदर्शिता (Transparency) के साथ इसका वितरण और समायोजन सुनिश्चित हो सके।
किसानों के खातों में समय पर ऋण चुकारा करने पर मिलता है 3% प्रोत्साहन
अल्पकालिक फसल ऋणों (Short-term Crop Loans) पर मौजूदा ब्याज सब्सिडी योजना (Interest Subsidy Scheme) के तहत किसानों को बेहद किफायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना के नियमों के अनुसार, किसानों को मूल रूप से 7% प्रति वर्ष की दर से ऋण मुहैया कराया जाता है, और यदि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने ऋण का भुगतान कर देते हैं, तो उनके खाते में 3% की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि जमा की जाती है। सरकार की इस पहल से राज्य के लाखों किसानों को बड़ा वित्तीय संबल मिलता है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक दबाव के समय पर अपनी खेती-किसानी से जुड़े कार्यों का संचालन कर पाते हैं और रीपेमेंट संस्कृति (Repayment Culture) को बढ़ावा मिलता है।
केंद्रीय सहकारी बैंकों को वित्तीय मजबूती देने के लिए 1.5% ब्याज सहायता का प्रावधान
फसली ऋणों के सुचारू वितरण और वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) को बनाए रखने के लिए बैंकों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत भारत सरकार द्वारा बैंकों को ऋण वितरण पर 1.50 प्रतिशत की दर से ब्याज सहायता प्रदान की जाती है। इस बार राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के माध्यम से प्राप्त कुल राशि में से शीर्ष सहकारी बैंक (एपक्स बैंक) द्वारा अपने स्वयं के कोषों से किए गए पुनर्भरण को समायोजित करते हुए शेष बची हुई बड़ी राशि प्रदेश के सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) को जारी कर दी गई है। इस व्यवस्था से सहकारिता से जुड़े ग्रामीण बैंकिंग ढांचे को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी, जिससे जमीनी स्तर पर किसानों तक ऋण पहुंचने की प्रक्रिया और अधिक तेज और निर्बाध हो सकेगी।



