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भारत सरकार की ब्याज सहायता योजना के तहत 23 सीसीबी बैंकों के लिए 1.17 अरब रुपये की राशि जारी

सार

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक की 3 प्रतिशत और 1.50 प्रतिशत ब्याज सहायता की कुल 1.17 अरब रुपये से अधिक की राशि सहकारी बैंकों के खातों में जारी कर दी गई है।

विस्तार

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जयपुर | प्रदेश डेस्क 12 अगस्त |प्रदेश के किसानों को समय पर फसली ऋण चुकाने पर मिलने वाले लाभ और बैंकों को मिलने वाली वित्तीय सहायता को लेकर सहकारिता जगत से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 और 2025-26 इन चार वित्तीय वर्षों के लिए किसानों को देय 3 प्रतिशत ब्याज सहायता (Interest Subvention) और बैंकों को देय 1.50 प्रतिशत ब्याज सहायता की राशि जारी कर दी गई है। ​दी राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (एपेक्स बैंक) के परिचालन अनुभाग द्वारा इस संबंध में औपचारिक एडवाइस और विस्तृत निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एपेक्स बैंक के उप महाप्रबंधक (परिचालन) मनप्रीत सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार, किसानों और बैंकों के हित में कुल 1,17,27,64,327 रुपये (लगभग 1.17 अरब रुपये) की भारी-भरकम राशि गत 10 अगस्त 2026 को एपेक्स बैंक में संधारित संबंधित केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) के चालू खातों में सरलतापूर्वक जमा करवा दी गई है।​यह पूरी राशि केंद्र सरकार की ब्याज सहायता योजना के तहत विभिन्न वित्तीय वर्षों (2022-23 से 2025-26 तक) के पेटे बकाया चल रही थी

23 केंद्रीय सहकारी बैंकों को निर्देश

एपेक्स बैंक ने प्रदेश के 23 केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों (MDs) को पत्र भेजकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि प्राप्त हुई इस भुगतान राशि का योजना के नियमों के अनुसार त्वरित और सही समायोजन किया जाए।इसके साथ ही, नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) से प्राप्त लॉट वाइज (Lot-wise) सूचना को भी एक्सेल फॉर्मेट में सभी संबंधित बैंकों को ईमेल व अन्य माध्यमों से प्रेषित कर दिया गया है, जिससे बैंक स्तर पर हिसाब-किताब का मिलान करने और पारदर्शिता बनाए रखने में आसानी होगी।

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सहकारिता से जुड़े किसानों में जगी उम्मीद

​सरकार के इस कदम से उन अन्नदाताओं को सीधा संबल मिला है जिन्होंने समय पर अपने फसली ऋणों का भुगतान किया था। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 3 प्रतिशत की छूट मिलने से उनका कर्ज का बोझ कम होता है, वहीं बैंकों को मिलने वाली 1.50 प्रतिशत सहायता से ढांचागत और वित्तीय स्थिति मजबूत होती है। एपेक्स बैंक के इस आदेश के बाद अब 23 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों ने खातों के मिलान और आगे की प्रक्रिया तेज कर दी है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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