सार
जोधपुर सहकारिता विभाग में वरिष्ठ आरसीएस अधिकारी प्रशांत कल्ला ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार और ओमपाल सिंह भाटी ने क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी का कार्यभार संभाला। इन अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से संभाग की सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और नई ऊर्जा के संचार की उम्मीद है।
विस्तार

जोधपुर।|डिजिटल डेस्क 14 जुलाई |वर्तमान समय में जहाँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सहकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान सरकार द्वारा विभाग में किए गए हालिया प्रशासनिक फेरबदल से इस पूरे क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक बदलावों की उम्मीद जगी है। इसी क्रम में, सहकारिता विभाग द्वारा हाल ही में जारी किए गए स्थानांतरण एवं पदस्थापन आदेशों की अनुपालना करते हुए बुधवार को जोधपुर के राजीव गांधी सहकार भवन में दो अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों ने अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है।
इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत, राजस्थान सहकारिता सेवा के बेहद अनुभवी अधिकारी प्रशांत कल्ला, जो कि संयुक्त रजिस्ट्रार संवर्ग के अधिकारी हैं, उन्होंने अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां खंड जोधपुर के पद का महत्वपूर्ण दायित्व संभाल लिया है। ठीक इसी प्रकार, विभाग के ही एक अन्य कर्मठ और वरिष्ठ अधिकारी ओमपाल सिंह भाटी ने भी क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी सहकारी समितियां खंड जोधपुर के पद का नया कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
कार्यभार ग्रहण करने की यह संपूर्ण प्रक्रिया बेहद गरिमामयी और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें अतिरिक्त रजिस्ट्रार पद से कार्यमुक्त हुए निवर्तमान अधिकारी देवेंद्र अमरावत और क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी पद से कार्यमुक्त हुए रायसिंह मोजावत ने दोनों नवागत अधिकारियों को विधिवत रूप से कार्यभार सौंपा। इस दौरान राजीव गांधी सहकार भवन में उपस्थित विभागीय अधिकारियों और निरीक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए नवनियुक्त अधिकारियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।विभागीय जानकारों और विश्लेषकों का स्पष्ट रूप से मानना है कि इन दोनों वरिष्ठतम अधिकारियों की इस महत्वपूर्ण पदस्थापना से संभाग क्षेत्र की प्राइमरी, ब्लॉक तथा जिला स्तरीय सहकारी संस्थाओं में निश्चित रूप से नई ऊर्जा का संचार होगा। चूंकि सहकारिता की जड़ें सीधे तौर पर ग्रामीण परिवेश, आमजन और किसानों से जुड़ी हुई हैं, इसलिए इन अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों के आने से संभाग में अंकेक्षण (ऑडिटिंग) व्यवस्था पहले से अधिक सुदृढ़ एवं निष्पक्ष होगी तथा सहकारिता से जुड़ी तमाम सरकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन में पारदर्शिता आने के साथ-साथ विकास कार्यों में अभूतपूर्व तेजी भी देखने को मिलेगी।


