सार
बाड़मेर केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक रहे अनिल बिश्नोई के कार्यकाल में सुधारवादी फैसलों से बैंक की साख बढ़ी और मात्र 20 दिनों में 850 करोड़ की ऐतिहासिक रिकवरी का रिकॉर्ड बना।
विस्तार

बाड़मेर।| डिजिटल डेस्क 14 जुलाई बाड़मेर केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCBs) के इतिहास में सहकारिता सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अनिल बिश्नोई का प्रबंध निदेशक (अतिरिक्त कार्यभार) के रूप में बीता एक वर्ष ‘सुधार और सुदृढ़ीकरण’ के स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। बिश्नोई ने न केवल बैंक की वित्तीय स्थिति में आमूलचूल सुधार किया, बल्कि जिले में सहकारिता आंदोलन को नई मजबूती प्रदान की बतौर प्रबंध निदेशक, उन्होंने सहकारी साख के त्रिस्तरीय ढांचे में पारदर्शिता लाने, किसानों तक त्वरित ऋण सेवाएँ पहुँचाने और विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने के लिए कई नवाचार किए। उनके प्रयासों से बैंक की साख में वृद्धि हुई और किसानों का सहकारी व्यवस्था पर विश्वास और गहरा हुआ।
20 दिन में 850 करोड़ की ऐतिहासिक रिकवरी
बिश्नोई के कार्यकाल की सबसे बड़ी सफलता उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति रही। बैंक की आर्थिक सेहत सुधारने के लिए उन्होंने खरीफ सीजन के बकाया ऋणों की वसूली का विशेष अभियान चलाया। उनके कुशल नेतृत्व का ही परिणाम रहा कि बैंक ने मात्र 20 दिनों के भीतर 850 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूल कर प्रदेश में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार, सहकारी बैंक के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी है।

विदाई और नई जिम्मेदारी
मंगलवार को बिश्नोई ने सहकारिता विभाग द्वारा नियुक्त नए अधिकारी को प्रबंध निदेशक का कार्यभार विधिवत सौंपा। विदाई के समय उन्होंने बैंक के समस्त कार्मिकों और विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि बैंक के संपूर्ण परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इस दौरान बैंक परिसर में मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनके कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।उल्लेखनीय है कि अनिल बिश्नोई वर्तमान में जोधपुर केंद्रीय सहकारी बैंक में प्रबंध निदेशक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सहकारिता विभाग द्वारा उन्हें प्रतिनियुक्ति पर प्रबंध निदेशक के महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन करने हेतु नियुक्त किया गया है। उनके द्वारा बिछाई गई सुधारों की यह नींव बाड़मेर सहकारी बैंक को भविष्य में नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक सिद्ध होगी।


