सार
Rajasthan.सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में सीकर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCBs) ने 67.42 अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। एम-पैक्स (M-PACS) श्रेणी में निमोद समिति अव्वल रही। शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुँचाने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए हर माह एम-पैक्स रैंकिंग जारी करने के निर्देश दिए।
विस्तार

जयपुर। डिजिटल डेस्क।10 जुलाई। राजस्थान को सहकारिता के क्षेत्र में देश में सिरमौर बनाने की प्रतिबद्धता के साथ शुक्रवार को शासन सचिवालय के मंथन सभागार से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) और एम-पैक्स (M-PACS) के प्रदर्शन की गहन समीक्षा की बैठक में ‘की परफोरमेंस इण्डीकेटर्स’ (KPI) के आधार पर संस्थानों का मूल्यांकन किया गया।
इसमें सीकर जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक ने 67.42 अंक अर्जित कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, बूंदी सीसीबी दूसरे और जोधपुर सीसीबी तीसरे स्थान पर रही। एम-पैक्स श्रेणी में निमोद ग्राम सेवा सहकारी समिति ने 77.50 अंकों के साथ बाजी मारी, जबकि भीया समिति दूसरे और घाट का बराना समिति तीसरे स्थान पर रही डॉ. शर्मा ने बताया कि भविष्य में हर माह एम-पैक्स की रैंकिंग जारी की जाएगी, ताकि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जा सके।
इसके तहत पैक्स की वित्तीय स्थिति, ऋण वितरण, ऑडिट अनुपालना और अकृषि गतिविधियों जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। बैठक में सहकारिता की सफलता को रेखांकित करने वाली शॉर्ट फिल्मों और भगवानपुरा व नीमोद समितियों की प्रेरक कहानियों को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान आयोजित ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी में 5 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता निभाई, जो सहकारी योजनाओं के प्रति बढ़ते जन-उत्साह को दर्शाती है।

सहकार से समृद्धि’ का मंत्र
शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सहकारी बैंक और एम-पैक्स को आपसी समन्वय से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केन्द्र सरकार की योजनाओं—विशेषकर अन्न भंडारण योजना, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन और डोर-स्टेप बैंकिंग—का लाभ बिना भेदभाव अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए। डॉ. शर्मा ने कार्मिकों को समयबद्धता और निष्ठा के साथ दायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया।


