सार
Jaipur : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान सहकारिता के डिजिटलीकरण, अन्न भंडारण योजना और त्वरित ऋण वसूली (97.48%) में देश में अग्रणी है, जिससे ग्रामीण समृद्धि और किसानों को मजबूती मिल रही है।

विस्तार
जयपुर/नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क। 5 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि सहकारिता ग्रामीण समृद्धि और रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम है। इससे किसानों, पशुपालकों, युवाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए न केवल नए अवसर सृजित हो रहे हैं, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को भी अभूतपूर्व मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री रविवार को यहां मुख्यमंत्री निवास पर सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को राजस्थान में धरातल पर उतारा जा रहा है। राज्य सरकार सहकारी संस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग द्वारा निर्मित गोदामों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए और सहकारिता के दायरे का विस्तार करते हुए नई गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में उन्होंने ‘भारत टैक्सी’ पहल और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों को प्रदेश में बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय मंच पर गूंजेगी राजस्थान की सफलता
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में सोमवार (6 जुलाई) को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में सहकारिता मंत्रालय का 5वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित होगा। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शिरकत करेंगे। इस राष्ट्रीय मंच के माध्यम से राजस्थान के सहकारी मॉडल के नवाचार, सुधार एवं ऐतिहासिक उपलब्धियां पूरे देश में रेखांकित की जाएंगी, जिससे प्रदेश को एक नई पहचान मिलेगी।

इन उपलब्धियों पर है खास ध्यान:
- फसली ऋण वसूली: वर्ष 2025-26 में सहकारी बैंकों एवं पैक्स द्वारा वितरित फसली ऋणों की 97.48 प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की गई।
- त्वरित भुगतान: राजफेड द्वारा समर्थन मूल्य खरीद में प्रभावी भुगतान प्रणाली लागू की गई, जिससे किसानों को भुगतान की अवधि 15 दिन से घटकर मात्र 4-5 दिन रह गई है।
- बहु-सेवाएं: पैक्स अब कॉमन सर्विस सेंटर और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र जैसी सुविधाएं देकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सेवा वितरण का प्रभावी मॉडल बन चुकी हैं।
8.90 लाख नए सदस्य जुड़े
प्रदेश में पारदर्शिता और तकनीक के तालमेल से सहकार परिवार का तेजी से विस्तार हो रहा है। सहकार सदस्यता अभियान के तहत प्रदेशभर में 8.90 लाख नए सदस्यों को सहकारिता से जोड़ा गया है।


