Home जयपुर सहकारिता में जवाबदेह एवं अनुशासित कार्य संस्कृति की पुनर्स्थापना स्वागत योग्य: सूरज भान सिंह आमेरा

सहकारिता में जवाबदेह एवं अनुशासित कार्य संस्कृति की पुनर्स्थापना स्वागत योग्य: सूरज भान सिंह आमेरा

सार 

Jaipur : राजस्थान सहकारिता विभाग में शासन सचिव डॉ. समित शर्मा के निर्देशन में बायोमेट्रिक उपस्थिति और ‘To-do List’ जैसे सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। कर्मचारी संगठनों ने इन पारदर्शी नवाचारों का स्वागत करते हुए झूठे दुष्प्रचार की निंदा की है।

विस्तार

जयपुर, 20 मई। भारत सरकार द्वारा पृथक सहकारिता मंत्रालय के गठन और गृह मंत्री अमित शाह को इसका नेतृत्व सौंपने के साथ ही देश में “सहकारिता से समृद्धि” का आह्वान किया गया है । इसी कड़ी में राजस्थान की भजनलाल सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरो टोलेरेंस के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य के सहकारिता मंत्री गौतम दक के निर्देशन में शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा द्वारा विभाग में निरंतर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं । डॉ. शर्मा ने अपने पदभार के प्रथम दिन से ही सहकारिता विभाग के कार्यालयों, सहकारी बैंकों और संस्थाओं में एक जवाबदेह, अनुशासित एवं कुशल कार्य संस्कृति की पुनर्स्थापना करने का संकल्प लागू किया है, जिसके चमत्कारिक परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं

ऑल राजस्थान कॉ-आपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन व ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव तथा सहकारी साख समितियाँ एम्पलाईज यूनियन राजस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष सूरज भान सिंह आमेरा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन प्रशासनिक सुधारों का स्वागत किया है उन्होंने बताया कि विभाग में अनुशासन कायम करने के लिए सभी पुरुष एवं महिला कार्मिकों के लिए समान रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है, जिससे समय पर उपस्थिति और सेवाओं में बड़ा सुधार आया है इसके साथ ही कार्मिकों की सीट पर कार्य की ‘To-do List’ बनवाकर कार्य के प्रति जवाबदेही तय की गई है, जिससे कार्यों का त्वरित निस्तारण हो रहा है और अधिकांश कार्मिकों ने इस क्रांतिकारी पहल को सहर्ष स्वीकार किया है

सहकार नेता आमेरा ने तथ्यहीन और मनगढ़ंत दुष्प्रचार की संगठन की ओर से कड़े शब्दों में भर्त्सना की है उन्होंने स्पष्ट किया कि सहकारिता में सुधार होने से सुविधाभोगी कार्य संस्कृति का पुराना ढर्रा बदला है, जिससे बौखलाकर कुछ विघ्न संतोषी तत्वों द्वारा इस व्यवस्था को अनावश्यक रूप से लिंग भेद का रंग देने का निरर्थक प्रयास किया जा रहा है जबकि वास्तविकता यह है कि विभाग में सभी निर्णय और व्यवस्थाएं बिना किसी भेदभाव के सभी कार्मिकों पर समान और पारदर्शी रूप से लागू हैं उन्होंने बताया कि शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा कार्यालय समय में आमजन और कार्मिकों से सद्भावपूर्ण मुलाकात कर उनकी सभी समस्याओं और मुद्दों का समय पर निस्तारण किया जा रहा है संगठन ने पैक्स (PACS) से अपैक्स (APEX) तक के सभी कार्मिकों से सहकारिता आंदोलन के हित में इन सकारात्मक नवाचारों को अपनाने का आह्वान किया है

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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