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कमजोर रेटिंग वाले केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए बनेगा ‘टर्न अराउंड प्लान’

सार 

Jaipur : सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा की अध्यक्षता में हुई नाबार्ड की बैठक में कमजोर सहकारी बैंकों के सुधार हेतु ‘टर्न अराउंड प्लान’, PACS कंप्यूटरीकरण और 10 लाख रूपे कार्ड वितरण का लक्ष्य तय किया गया।

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विस्तार 

जयपुर | डिजिटल डेस्क | 11 मई | जयपुर स्थित नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय में उच्च स्तरीय समिति और राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की 62वीं बैठक सोमवार को सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु कमजोर वित्तीय स्थिति वाले केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए ‘टर्न अराउंड प्लान’ तैयार करना रहा। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन बैंकों को नाबार्ड निरीक्षण में ‘सी’ और ‘डी’ रेटिंग प्राप्त हुई है, उनके सुधार के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और उसकी हर महीने नियमित समीक्षा की जाए। विशेष रूप से पाली और जैसलमेर केंद्रीय सहकारी बैंकों को वैधानिक मानकों के अनुरूप सक्षम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।

बैठक में 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही और वित्तीय वर्ष के बैंकिंग मानकों की समीक्षा करते हुए डॉ. शर्मा ने सहकारी बैंकिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बैंकों को केवाईसी (KYC) मानकों की समयबद्ध पालना और बैंकिंग रेग्युलेशन एक्ट, 1956 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही, भारत सरकार के ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के तहत पैक्स (PACS) कंप्यूटरीकरण कार्य को गति देने के निर्देश दिए गए। लक्ष्य निर्धारित किया गया कि प्रथम चरण की 6,781 पैक्स का पूर्ण कंप्यूटरीकरण 30 जून तक पूरा कर लिया जाए और तकनीकी कमियों को दूर कर इन्हें जल्द से जल्द ‘गो-लाइव’ स्थिति में लाया जाए।

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ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए ‘सहकारिता में सहकार’ अभियान के अंतर्गत लगभग 12 हजार सहकारी समितियों और दुग्ध उत्पादक समितियों को नाबार्ड की मदद से जल्द माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराए जाएंगे। इन माइक्रो एटीएम के माध्यम से ग्रामीणों और पशुपालकों को उनके घर के पास ही खाता खोलने और बैंकिंग लेनदेन की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही, सहकारी बैंकों को मोबाइल बैंकिंग सेवाएं शुरू करने और किसानों को रूपे डेबिट कार्ड जारी करने के निर्देश भी दिए गए, जिसके तहत इस वित्तीय वर्ष में 10 लाख कार्ड वितरण का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में नाबार्ड, भारतीय रिजर्व बैंक और राजस्थान राज्य सहकारी बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई जिलों के प्रबंध निदेशक भी उपस्थित रहे।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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