सार
Jaipur : सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने 181 हेल्पलाइन का औचक निरीक्षण कर शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने किसानों से सीधे बात कर लापरवाही बरतने वाले व्यवस्थापक को निलंबित किया और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए

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जयपुर । डिजिटल डेस्क | 11 मई | शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का औचक निरीक्षण सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने सोमवार को किया। इस दौरान उन्होंने विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की और स्वयं परिवादियों से फोन पर संवाद कर उनकी समस्याओं का तत्काल निस्तारण करवाया। शासन सचिव ने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता न होकर व्यवहारिक और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए ताकि आमजन का सहकारिता तंत्र पर विश्वास बना रहे।
निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने करीब एक दर्जन परिवादियों से सीधे बात की। संवाद के दौरान अलवर जिले के एक किसान ने शिकायत की कि महाराजावास ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक ने उन्हें स्वीकृत अल्पकालीन फसली ऋण की पूरी राशि उपलब्ध नहीं करवाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन सचिव ने तत्काल पैक्स व्यवस्थापक, केंद्रीय सहकारी बैंक अलवर के एमडी और अपेक्स बैंक के एमडी को कॉन्फ्रेंस कॉल पर लिया। शिकायत सही पाए जाने पर डॉ. शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए समिति व्यवस्थापक अभय यादव को तुरंत निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही, अलवर के प्रबंध निदेशक को राजस्थान सहकारी अधिनियम की धारा-55 के तहत जांच कर 7 दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा।
इसी क्रम में अजमेर के परिवादी सुरेंद्र द्वारा 5 वर्षों से फसली ऋण न मिलने की शिकायत पर शासन सचिव ने संबंधित अधिकारियों को शाम तक निस्तारण रिपोर्ट देने और देरी के लिए जिम्मेदार कार्मिकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि प्रत्येक परिवादी को समयबद्ध और तथ्यात्मक जवाब मिलना चाहिए। इस अवसर पर राजफेड के प्रबंध निदेशक श्री सौरभ स्वामी और अपेक्स बैंक के एमडी सहित सहकारिता विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे और लंबित प्रकरणों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया।

96 प्रतिशत शिकायतों का हुआ त्वरित निस्तारण
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि सहकारिता विभाग में शिकायतों के निस्तारण की स्थिति काफी प्रभावी है। पिछले एक वर्ष में दर्ज कुल 1,22,779 प्रकरणों में से 1,18,340 का समाधान किया जा चुका है, जो कुल शिकायतों का लगभग 96 प्रतिशत है। विभाग औसतन 13 दिनों के भीतर शिकायतों का समाधान कर रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार शुरू की गई इस पहल के तहत सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर स्वयं हेल्पलाइन कंट्रोल रूम पहुंचकर जनता की समस्याएं सुन रहे हैं।


