Home जोधपुर व्यवस्थापकों की ‘जंग’, किसानों पर ‘मार’: आखिर कौन भरेगा 100 करोड़ का अतिरिक्त ब्याज?

व्यवस्थापकों की ‘जंग’, किसानों पर ‘मार’: आखिर कौन भरेगा 100 करोड़ का अतिरिक्त ब्याज?

सार 

Jodhpur : खंड में फसली ऋण वसूली ठप है। 31 मार्च तक ऋण जमा न होने पर जोधपुर खंड में 3.34 लाख किसानों पर 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ब्याज भार पड़ेगा।

अपनी जायज मांगों के समर्थन में बाड़मेर सीसीबी प्रधान कार्यालय पर हुंकार भरते पैक्स कर्मचारी (File Photo) 

विस्तार 

जोधपुर । डिजिटल डेस्क | 21 मार्च | खंड सहित प्रदेश में सहकारिता विभाग की नीतियों और पैक्स-लैम्पस कार्मिकों के पिछले तीन सप्ताह से जारी कार्य बहिष्कार ने अल्पकालीन फसली ऋण योजना की कमर तोड़ दी है। पिछले 22 दिनों से जारी कार्य बहिष्कार के कारण अल्पकालीन फसली सहकारी ऋण योजना पूरी तरह ठप हो गई है। सबसे गंभीर स्थिति ऋण वसूली को लेकर पैदा हुई है; यदि 31 मार्च की समय सीमा तक वसूली नहीं हुई, तो खरीफ सीजन का कर्ज चुकाने वाले किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। वर्तमान में जोधपुर खंड के छह केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCBs) के अंतर्गत आने वाले लगभग 3 लाख 34 हजार किसानों का 1474 करोड़ रुपये का ऋण बकाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाड़मेर सीसीबी में 1 लाख 95 हजार किसानों के 685 करोड़, जोधपुर सीसीबी में 73 हजार 959 किसानों के 435 करोड़, जैसलमेर सीसीबी में 21 हजार 231 किसानों के 150 करोड़, पाली सीसीबी में 22 हजार 994 किसानों के 127 करोड़ एवं जालोर सीसीबी में 18 हजार 920 किसानों के 66 करोड़ तथा सिरोही सीसीबी में 2524 किसानों के 11 करोड़ बकाया है । कुल मिलाकर 3 लाख 34 हजार किसानों के 1474 करोड़ बकाया है ।

जबकि नियम के अनुसार, यदि यह राशि 31 मार्च तक जमा नहीं होती है, तो किसानों को 7 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा। गणना के अनुसार, इस देरी की वजह से किसानों पर लगभग 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ब्याज भार आ जाएगा। वही खंड की करीब 1546 पैक्स-लैम्पस में से अधिकांश वित्तीय कंगाली के दौर से गुजर रही हैं। व्यवस्थापकों का कहना है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाली इन संस्थाओं की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि उनके पास दैनिक कामकाज और स्टेशनरी तक के लिए पैसे उपलब्ध नहीं हैं।

“हम नहीं चाहते कि किसानों पर किसी भी तरह का आर्थिक बोझ पड़े, लेकिन हमारी स्थिति भी दयनीय है। जब तक हमारी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं और बकाया भुगतान नहीं होता, तब तक हमारा कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
-आंदोलनरत कार्मिक

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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