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16वें वेतन समझौते का सहकारी बैंकों के कार्मिकों को नहीं मिला लाभ

सार 

Rajasthan : वित्त विभाग की स्पष्ट टिप्पणी तथा सहकारिता विभाग के निर्देश के बावजूद केंद्रीय सहकारी बैंक के कर्मचारियों को नहीं हुआ एरियर का भुगतान और नहीं मिला 16वें वेतन समझौतें का लाभ ।

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विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 19 जनवरी | राज्य में सहकारी बैंकों के कार्मिकों का बिना किसी कारण 16वें वेतन समझौते का लाभ रोका जा रहा हैं, जिससे सहकारी बैंकों के कार्मिकों को भारी नुकसान हो रहा है । इस स्थिती को लेकर अखिल राजस्थान सहकारी बैंक्स अधिकारी एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रघुवीरप्रसाद शर्मा ने सहकारिता मंत्री, सहकारिता विभाग शासन सचिव एवं पंजीयक (Registrar) को पत्र लिखा है । जिसके अनुसार सहकारी बैंक (CCBs) कार्मिकों की नियमित वार्षिक वेतन वृद्धियों में से एक इंक्रीमेंट (Increment) विलोपति हो जाने के कारण राजस्थान उच्च न्यायालय (High Court) में रिट याचिका (Writ Petition) दायर करवाई गई । जबकि एसोसिएशन की ओर से बताया गया कि न्यायालय के अंतिम निर्णय तक किसी प्रकार की वसूली नहीं होनी है और रिकवरी पर किसी प्रकार स्थगन (Stay) नहीं है । हालांकि राजस्थान उच्च न्यायलय में लंबित प्रकरणों के क्रम में याचिकाकर्ता (Petitioner) को 16वें वेतन समझौते का लाभ देने के लिए सहकारिता विभाग द्वारा वित्त विभाग की सुस्प्ष्ट टिप्पणी के साथ राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) प्रबंध निदेशक एवं समस्त केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCBs) के प्रबंध निदेशकों को एक आदेश भेजा गया । लेकिन श्रीगंगानगर सीसीबी और राजस्थान राज्य सहकारी बैंक में इन आदेशों की पालना नहीं हुई है ।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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