सार
Udaipur : सहकारिता मंत्री ने संभाग स्तरीय बैठक में समस्त केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों को अल्पकालीन ऋण के अतिरिक्त दीर्घकालीन कृषि एवं अकृषि ऋण पर जोर डालने और बैंक की नई शाखायें खोलकर बैंक की अमानतों का स्तर बढ़ाने के लिए किया निर्देशित

विस्तार
उदयपुर । डिजिटल डेस्क | 2 अप्रैल | समर्थन मूल्य खरीद (MSP) एवं सहकारिता विभाग के कार्यो की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन आज सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक की अध्यक्षता में उदयपुर केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) के प्रतापनगर स्थित प्रधान कार्यालय में हुआ । इस बैठक को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री ने सभी अधिकारियों को पूर्णतः पारदर्शिता के साथ कार्य करने के लिये निर्देशित करते हुए कहा कि क्षेत्र के किसानो को समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र पर किसी तरह की समस्या न हो और अधिकाधिक किसानों की फसलो को समर्थन मूल्य पर खरीद कर उन्हें लाभान्वित किया जाये। उन्होने समस्त प्रबंध निदेशकों को अल्पकालीन ऋण के अतिरिक्त दीर्घकालीन कृषि एवं अकृषि ऋण पर जोर डालने और बैंक की नई शाखायें खोलकर बैंक की अमानतों का स्तर बढ़ाने के लिए निर्देशित किया हैं ।

बैठक में अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां खण्ड उदयपुर श्रीमती गुंजन चौबे ने बैठक एजेंडा से अवगत करवाया, क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी आशुतोष भट्ट द्वारा समितियों की ऑडिट की अद्यतन प्रगति से अवगत कराने पर सहकारिता मंत्री ने ऑडिट गुणवत्ता पूर्ण हो तथा समय-समय पर औचक निरीक्षण एवं विशेष ऑडिट का प्रावधान करने के साथ-साथ संभाग के समस्त उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां को अधिक से अधिक एम पैक्स खोलने एवं अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं के अंतर्गत चल रहे वादों का समयबद्धता से निस्तारण करने की बात कही । साथ ही, भूमि विकास बैंक के सचिवो को विभाग द्वारा जारी एकमुश्त समझौता योजना का प्रचार-प्रसार करके अवधिपार ऋणों की वसूली करने, के अलावा सहकारिता मंत्री ने समस्त भण्डार के महाप्रबन्धकों एवं क्रय विक्रय सहकारी समितियों के मुख्य प्रबन्धकों को अपने कार्यक्षेत्र में नई-नई योजनाओं का प्रचार-प्रसार करके व्यवसाय बढाने के लिए के लिये निर्देशित किया । बैठक के अंत में उदयपुर सीसीबी प्रबंध निदेशक श्री अनिमेष पुरोहित ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान उदयपुर संभाग के समस्त केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशक, जिला ईकाईयों के उप रजिस्ट्रार, भूमि विकास बैकों के सचिव, भण्डारों के महाप्रबंधक, विशेष लेखा परीक्षक एवं निरीक्षक उपस्थित रहे।