सार
Jaipur : सहकारी आंदोलन की सबसे छोटी इकाई ग्राम सेवा सहकारी समितियों में व्यवस्थापक के रिक्त पद पर होगी संविदा कार्मिक की नियुक्ति और यह ही संविदा कार्मिक संभालेगे पूरी समिति का वित्तीय कार्यभार

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 25 नवम्बर | सुनने में जरुर अटपटा लग रहा होगा लेकिन यह हकीकत हैं कि सहकारिता विभाग ने राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड की नाकामी को छुपाने के लिए एक नया जरिया निकाल दिया हैं, विभाग के पंजीयक कार्यालय ने ग्राम सेवा सहकारी समितियों में संविदा कार्मिक की नियुक्ति को लेकर एक नया आदेश जारी किया हैं, जिसके मुताबिक जिन ग्राम सेवा सहकारी समितियां में अन्य समितियों के व्यवस्थापक को अतिरिक्त चार्ज दिया हुआ हैं, अब उन समितियों में सेवाप्रदाता संस्था के माध्यम से संविदा कार्मिक की नियुक्ति की जा सकेगी, लेकिन संविदा कार्मिक को 1 लाख रुपए की फिडेलिटी गारंटी और 2 गणमान्य व्यक्तियों की जमानत देनी होगी, जिसके पश्चात उस संविदा कार्मिक को व्यवस्थापक का कार्यभार दिया जाएगा । ऐसे में अब जहां राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड से ग्राम सेवा सहकारी समितियों में रिक्त पदों पर भर्ती की जो मांग स्थानीय स्तर पर चल रही थी, वह काफी हद तक दब जाएगी और जिस प्रकार पिछले आठ सालों में ग्राम सेवा सहकारी समितियों में व्यवस्थापक के रिक्त पदों पर भर्ती नहीं हो पाई वही अब इस फरमान से ऐसा लग रहा हैं कि आने वाले कई सालों तक व्यवस्थापक के रिक्त पदों पर सहकारी भर्ती बोर्ड भर्ती नहीं करवा पाएगा । क्योकि ग्राम सेवा सहकारी समितियों में संविदा कार्मिक की नियुक्तियां हो जाएगी और पूर्ववर्ती सरकार की तरह चुनावी साल में संविदा कार्मिकों को नियमित करने के लिए जिला स्तरीय स्क्रीनिंग चयन कमेटी का पुनरुद्धार किया जाएगा ।
समीक्षा बैठक में उठी मांग
सहकारिता विभाग के पंजीयक कार्यालय ने इस नियुक्ति आदेश के लिए केंद्र सरकार की पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना को आधार बनाया है। सहकारिता विभाग की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना की समीक्षा बैठक 12 नवंबर 2024 को आयोजित करवाई गई, इस दौरान सीसीबी प्रबंध निदेशकों ने ग्राम सेवा सहकारी समितियों में पूर्णकालीक व्यवस्थापक नहीं होने का मामला सहकारिता विभाग के संज्ञान में लाया, जिसके पश्चात यह आदेश जारी हुआ है।
चर्चा में रहती है सहकारी समितियों

प्रदेश में करोड़ो के गबन और अनियमितताओं को लेकर राजस्थान विधानसभा से लेकर सहकारी गलियारों तक चर्चाओं में रहने वाली ग्राम सेवा सहकारी समितियों में व्यवस्थापक पद पर संविदा कार्मिक को नियुक्त कर करोड़ो के व्यवसाय की बागडोर थमाई जाएगी, इस आदेश के जारी होने के बाद कई सेवानिवृत्त पैक्स कार्मिकों से लेकर वर्तमान में कार्यरत कार्मिकों ने अपने दांवपेश लगाने शुरु कर दिए हैं और अपने चहेतों को अतिरिक्त कार्यभार वाली समिति में नियुक्ति दिलाने की दौड़-धूप शुरु कर दी हैं |


