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सांस्कृतिक मूल्यों के निर्माण में मंदिरों की भूमिका अहम – मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा 

सार

Rajasthan News : मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बाड़मेर के गुढ़ामालानी में आलपुरा स्थित श्री आलमजी मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में सम्बोधित करते हुए कहा कि मंदिर भारतीय संस्कृति और सभ्यता को बढ़ावा देने वाले आस्था के केन्द्र हैं तथा मंदिरों से सांस्कृतिक मूल्यों का निर्माण होता है।

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मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का बाड़मेर दौरा

मुख्यमंत्री ने श्री आलम जी एवं श्री चालकनेची माता मंदिर में किए दर्शन
मंदिरों के सौन्दर्यीकरण के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान -मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने चालकनेची माता मंदिर में पैनोरमा का किया अनावरण
चालकना गांव में 2.50 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा रात्रि विश्राम गृह
जयपुर, 21 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मंदिर भारतीय संस्कृति और सभ्यता को बढ़ावा देने वाले आस्था के केन्द्र हैं तथा मंदिरों से सांस्कृतिक मूल्यों का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में मंदिरों से जुड़ी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए महती प्रयास किए जा रहे हैं। इस वर्ष के बजट (लेखानुदान) में गोविन्द देव जी, पूंछरी का लौठा, तेजाजी का मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों के सौन्दर्यीकरण के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
श्री शर्मा बुधवार को बाड़मेर के गुढ़ामालानी में आलपुरा स्थित श्री आलमजी मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति और सभ्यता को पूरे विश्व में एक अलग पहचान मिली है तथा आस्था केन्द्रों को विकसित करने की दिशा में अभूतपूर्व काम हुआ है। अयोध्या में भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक, यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ व केदारनाथ को जोड़ने वाली सड़कों का निर्माण जैसे विकास कार्य देश के सांस्कृतिक स्थलों को पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। 
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श्री शर्मा ने कहा कि पशुपालन और खेती बाड़मेर की रीढ़ हैं। इन दोनों पर आलम जी महाराज की विशेष कृपा है। जब फसल की कटाई होती है, तो किसान सबसे पहले आलम जी महाराज के नाम से माणा भरके निकालते हैं और महाराज का आशीर्वाद उन्हें मिलता है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने श्री आलमजी मंदिर में दर्शन किए एवं श्री विष्णु यज्ञ आयोजन में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की।  इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण राज्यमंत्री श्री कैलाश चौधरी, प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री श्री कृष्ण कुमार के.के. विश्नोई, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत, विधायक श्री अरुण चौधरी, श्री आदूराम मेघवाल, श्री हमीर सिंह सहित संत-महंत तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

चालकना गांव में 2.50 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा रात्रि विश्राम गृह

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने चालकना में श्री चालकनेची माता मंदिर महासम्मेलन में संबोधित करते हुए कहा कि चालकनेची माता के पैनोरमा सहित विभिन्न पैनोरमा का निर्माण हमारी पिछली सरकार ने करवाया था। ऐसे पैनोरमा हमारी संस्कृति एवं विरासत को संजोए रखते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्र के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। तनोट माता मंदिर, भादरियाराय माता मंदिर एवं चालकनेची माता मंदिर को शामिल करते हुए धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चालकना गांव में 2.50 करोड़ रुपए की लागत से रात्रि विश्राम गृह के निर्माण की घोषणा की। इससे पहले श्री शर्मा ने चालकनेची माता मंदिर में दर्शन किए एवं पैनोरमा का अनावरण भी किया।
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डबल इंजन की सरकार गरीब कल्याण के लिए प्रतिबद्ध

श्री शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने पिछले एक दशक में गरीब कल्याण को प्राथमिकता देते हुए हर घर बिजली, हर घर जल पहुंचाने के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास उपलब्ध करवाने सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी गरीब कल्याण के अपने हर संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में पीएम किसान सम्मान निधि 2 हजार रुपए बढ़ाकर 8 हजार रुपए करना, गेहूं की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में 125 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन 1 हजार 150 रुपए करना जैसे जनकल्याणकारी निर्णय राज्य सरकार द्वारा किए गए हैं। 
 
 

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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