-
सहकारिता विभाग ने नहीं मानी सरकार की तबादला नीति

बाड़मेर । डिजिटल डेस्क I 14 मई I सरकार ने तबादलों के लिए वर्ष 2019 में जो पॉलिसी बनाई थी, उसे सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने दरकिनार कर दिया। पॉलिसी के मुताबिक गृह जिलों में अधिकारियों की तैनाती नहीं होगी। जबकि विभाग ने सीमावर्ती बाड़मेर जिले की केन्द्रीय सहकारी बैंक में प्रबंध निदेशक के पद पर उप रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारी को पिछले एक साल से तैनात कर रखा है। वर्तमान सरकार ने वर्ष 2019 में तबादला पॉलिसी तैयार की थी। इसका सहकारिता मंत्री ने अनुमोदन भी कर दिया। इसमें तय किया गया था कि जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंधन निदेशकों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं किया जाएगा। यह निर्णय बैंकों में लगातार मिल रही गड़बडिय़ों को देखते हुए लिया गया था। पॉलिसी तय होने के बावजुद भी बाड़मेर सीसीबी एम.डी. का जिम्मा जितेन्द्र कुमार गोदारा को दिया हुआ है। उनका गृह जिला भी बाड़मेर ही है। वो पिछले एक साल से अपने गृह जिले में तैनात हैं ।
यह थी पॉलिसी

कार्यालय रजिस्ट्रार सहकारी समितियां के तत्कालीन संयुक्त रजिस्ट्रार (बैकिंग) संजय गर्ग ने अल्पकालीन फसली ऋण माफी योजना – 2018 में हुई अनियमितताओं को देखते हुए एक पत्र सहकारिता विभाग के संयुक्त शासन सचिव को भेजा था, जिसके मुताबिक राज्य में अल्पकालीन ऋण माफी योजना, 2018 अन्तर्गत कतिपय केन्द्रीय सहकारी बैंकों में हुई अनियमितताओं के प्रसंग में राज्य सरकार स्तर पर यह निर्णय लिया गया है कि प्रबंध निदेशक, केन्द्रीय सहकारी बैंक, उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां एवं प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक के सचिव को गृह जिले में पदस्थापित नहीं करने के संबंध में अवगत करवाया गया था ।
उप रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारी को दिया बीसीसीबी का जिम्मा
बाड़मेर केन्द्रीय सहकारी बैंक (बीसीसीबी) के प्रबंध निदेशक का जिम्मा उप रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारी जितेन्द्र कुमार गोदारा को पिछले एक साल से दिया हुआ है। सरकार ने इस पद के लिए संयुक्त रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारी को तैनात किए जाने का नियम बनाया हुआ है। इसके बावजुद भी यहां जूनियर पद के अधिकारी को तैनात कर रखा है, जबकि विभाग में इस पद के कई अधिकारी मौजूद हैं।


