
जालोर । डिजिटल डेस्क I 4 फ़रवरी I रबी सीजन में दी जालोर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (The Jalore Central Co-Operative Bank) के माध्यम से जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Village Service Cooperative Societies of the District) ने 85 हजार किसानों को 351 करोड़ रुपए का ऋण बांट दिया है। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान प्रदेश के 29 जिलों में ऋण वितरण में आंवटित लक्ष्यों में जालोर पहले स्थान पर है। पहली बार बाड़मेर समेत बड़े जिलों को भी जालोर ने लक्ष्य के मुकाबले ऋण वितरण में पीछे छोड़ दिया है। बैंक प्रशासन की प्रभावी मॉनिटरिंग व ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों की टीम ने बिना विवाद के ऋण वितरण में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा कर लिया है।
खास बात यह है कि सरकार की मंशा के अनुरूप, 9652 नये किसान सदस्यों को भी नियमित रूप से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खरीफ सीजन में 320 करोड़ के लक्ष्य के अनुरुप 331 करोड़ का ऋण वितरण कर शत फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया था। जबकि रबी सीजन में बैंक को आंवटित लक्ष्य 280 करोड़ के मुकाबले 351 करोड़ का ऋण वितरण किया गया है। हालांकि रबी सीजन में ऋण वितरण की अंतिम तिथि 31 मार्च है। ऋण वितरण की प्रक्रिया में ऑनलाइन सिस्टम से पारदर्शिता की वजह से किसानों को बैंको के चक्कर नहीं काटने पड़ रहें है और किसानों को समिति मुख्यालय पर ही ऋण उपलब्ध हो रहा हैं ।

जिले में नरसाणा पहले नंबर पर, सुगालिया जोधा ने सबसे कम बांटा 24 लाख का ऋण
सीसीबी धुम्बड़िया शाखा अंतर्गत नरसाणा सहकारी समिति ने 1146 किसानों को 5 करोड़ 88 लाख रुपए का ऋण वितरण कर जिले में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं आहोर सीसीबी शाखा अंतर्गत सुगालिया जोधा जीएसएस में सबसे कम 24 लाख रुपए का कर्ज बांटा गया है। वही, जिले की बावतरा जीएसएस में 1098 किसानों को 5 करोड़ 62 लाख, सिराणा जीएसएस में 1048 किसानों को 5 करोड़ 51 लाख एवं निम्बाऊ जीएसएस में 933 किसानों को 5 करोड़ 10 लाख रुपए का रबी सीजन में ऋण वितरित किया गया। इसी प्रकार, चुरा में 1135 किसानों को 4 करोड़ 39 लाख, डूगरी में 1140 किसानों को 4 करोड़ 52 लाख, दुठवा में 1041 किसानों को 4 करोड़ 8 लाख, मोरसीम में 854 किसानों को 4 करोड़ 56 लाख, सायला में 1209 किसानों को 4 करोड़ 64 लाख, सुराणा में 849 किसानों को 4 करोड़ 52 लाख, टांपी में 907 किसानों को 4 करोड़ 20 लाख रुपए का रबी सीजन में सर्वाधिक ऋण वितरण किया गया।
जीएसएस स्तर पर रजिस्ट्रेशन व ऋण वितरण
अल्पकालीन फसली ऋण वितरण की व्यवस्था में जीएसएस स्तर पर रजिस्ट्रेशन व भुगतान की व्यवस्था वर्ष 2019 से लागू की गई थी । सहकारी समिति व्यवस्थापकों को ऑन डिमांड राशि उपलब्ध करवाई जाती है। इस दौरान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद डीएमआर स्वीकृत होने पर फिंगर प्रिंट के बाद ऋण वितरित किया जाता है। इस वजह से लोगों को बैंक शाखाओं की कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ा रहा है। बिना किसी परेशानी व इंतजार के ऋण राशि मिल रही है।
जिले में संचालित ग्राम सेवा सहकारी समितियों में स्टाफ की कमी के बावजुद पैक्स कर्मियों ने अपने स्तर पर दिन-रात एक करके ऋण वितरण कार्य को अंजाम दिया है। ऑनलाइन सिस्टम की वजह से पारदर्शिता के साथ ऋण वितरण का कार्य बखूबी संपन्न किया जा रहा है। जालोर जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है। सहकारी समिति कर्मचारियों की वजह से ये सफलता मिली है।
__ मांगीलाल विश्नोई, वरिष्ठ उपाध्यक्ष,
__ हनुमानसिंह सियाग, जिला महासचिव,
राजस्थान सहकारी कर्मचारी संघ जिला इकाई जालोर


