Home | cooperative | उदयपुर संभाग | अकृषि कार्य व हस्तशिल्प के लिए सहकारी बैंक देगा 2 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण

अकृषि कार्य व हस्तशिल्प के लिए सहकारी बैंक देगा 2 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण

02 758
File Photo

चित्तौड़गढ़, 03 फरवरी। चित्तौड़गढ़ केन्द्रीय सहकारी बैंक की ओर से राजस्थान ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना के तहत् अकृषि कार्य, हस्तशिल्प, लघु उद्योग, कताई-बुनाई, रंगाई – छपाई हेतु 25 हजार से 2 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। बैंक के प्रबन्ध निदेशक नानालाल चावला ने बताया कि यह ऋण बैंक की ग्रामीण शाखाओं गंगरार, डूंगला, भदेसर, राशमी, बस्सी भूपालसागर, अरनोद एवं दलोट कार्यक्षेत्र में निवास करने वाले परिवार एवं परिवार के सदस्य को बैंक शाखा के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत एक वर्ष पूर्ण होने से पहले ऋण चुकाने पर कोई ब्याज वसूल नही किया जाएगा तथा आगामी वर्ष के लिए फिर से ब्याज मुक्त ऋण साख सीमा के रूप में दिया जा सकेगा। इसके लिए आवेदक पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र के साथ जनआधार कार्ड, आधार कार्ड की स्वयं प्रमाणित प्रति, ग्रामीण क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक अवधि तक निवास करने का प्रमाण पत्र, अकृषि गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण, शपथ पत्र पर अनुमत गतिविधियों का लागत का ब्यौरा मय कोटेशन, दो राजकीय सेवारत व्यक्तियों की जमानत सहमति सलंग्न कर सम्बन्धित शाखा में आवेदन प्रस्तुत कर योजना का लाभ उठा सकते है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

error: Content is protected !!