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डेढ़ लाख किसानों को सहकारी ऋण राशि के साथ चुकाना होगा ब्याज

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किसान तिथि बढ़ाने की कर रहे हैं मांग, ऋण खाते हो गए अवधिपार, 550 करोड़ ऋण बकाया, पहले से अकाल का संकट

बाड़मेर । डिजिटल डेस्क । 3 मई । अकाल की मार झेल रहे किसानों को खरीफ फसली ऋण चुकाने के लिए हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अवधि बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन एक माह बीतने के बावजूद सहकारी फसली ऋण चुकाने की अवधि नहीं बढ़ पाई है। अब डिफाल्टर हुए ऋणी किसानों को ऋण राशि के साथ अब एक वर्ष का ब्याज चुकाना पड़ेगा। ऐसे में बाड़मेर जिले के डेढ़ लाख किसानों को करीब 50 करोड़ रुपए का ब्याज चुकाना होगा। इस साल बाड़मेर जिले के डेढ़ लाख ऋणी किसानों से 550 करोड़ रुपए फसली ऋण की वसूली नहीं हुई है।
दरअसल, बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अधीन संचालित ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को नियमित अवधि के लिए शून्य फीसदी ब्याज से अल्पकालीन फसली ऋण वितरण किया जाता है। वर्ष 2021-22 में खरीफ फसल बुवाई के लिए बाड़मेर जिले के 1 लाख 94 हजार किसानों को 776 करोड़ रुपए फसली ऋण वितरित किया गया, लेकिन मानसून की बेरुखी के चलते अकाल पड़ गया। किसानों को निर्धारित अवधि 31 मार्च तक यह ऋण जमा करना था, लेकिन किसान इस गफलत में रह गए कि हर वर्ष की तरह इस बार भी ऋण चुकाने की तिथि बढ़ जाएगी, लेकिन इस बार तिथि बढ़ नहीं पाई है। अब किसानों को कर्ज के साथ ब्याज भरने की चिंता सता रही है।

हमेशा खुद के किसान हितैषी होने का दावा करती है सरकार

पिछली बार विधानसभा चुनावों में तो किसानों की ऋण माफी एक प्रमुख चुनावी मुद्दा थी और सरकार ने अपने घोषणा पत्र में भी इसे लेकर कई वादे किए थे। उस सरकार में यदि किसानों के प्रति ऐसी लापरवाही हो जाए तो इसे क्या समझा जाएगा?। क्या सरकार को शायद भरी गर्मी में खेत में खून-पसीना बहाने वाले किसानों की चिंता नहीं है। इसी वजह से ये लापरवाही हुई है। सरकार को न सिर्फ शीघ्र ही राहत का आदेश निकालना चाहिए, ताकि किसानों पर ब्याज व जुर्माना भरने से राहत मिल सके ।

7 फीसदी ब्याज चुकाना पड़ेगा, इस साल 825 करोड़ का लक्ष्य

वर्ष 2021-22 में 1 लाख 94 हजार किसानों को 776 रुपए का ऋण वितरित किया गया था। जिसमें 250 करोड़ की वसूली हो पाई है। करीब डेढ़ लाख किसानों का 550 करोड़ रुपए ऋण बकाया है। अगर ऋण चुकाने की तिथि नहीं बढ़ाई जाती है तो किसानों को 7 फीसदी ब्याज साल भर का चुकाना पड़ेगा। ऐसे में बाड़मेर जिले के डेढ़ लाख किसानों पर ब्याज का 50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार बढ़ेगा। इस साल सरकार ने गत वर्ष के मुकाबले फसली ऋण वितरण का लक्ष्य भी बढ़ाया है। बाड़मेर जिले में 2 लाख 10 हजार किसानों को 825 करोड़ रुपए ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया है, हालांकि जिले में अप्रैल माह बीत जाने के बावजुद ऋण वितरण की प्रक्रिया शुरु नहीं हो पाई हैं ।

फैक्ट फाइल

  • 1 लाख 94 हजार ऋणी किसान।
  • 293 ग्राम सहकारी समितियां है जिले में।
  • 550 करोड़ खरीफ फसली ऋण की नहीं हुई वसूली।
  • 825 करोड़ फसली ऋण वितरण का लक्ष्य।
  • 2 लाख 10 हजार किसानों को मिलेगा ऋण।

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अकाल से किसानों पर पहले से संकट है। वही, इस बार फसली ऋण चुकाने की तिथि बढ़ नहीं पाने के कारण ऋण वितरण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। डेढ़ लाख किसानों के खाते अवधिपार हुए है। – रायमलराम नेहरा, जिला अध्यक्ष, सहकारी समितियां व्यवस्थापक यूनियन यूनिट बाड़मेर


परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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