सार
सहकारिता विभाग ने बजट 2026-27 के तहत प्रदेश की गोदाम विहीन 27 ग्राम सेवा सहकारी समितियों (GSS) में 100-100 मीट्रिक टन (MT) के गोदाम बनाने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है।
विस्तार 
जयपुर |प्रदेश डेस्क 7 अक्टूबर |राजस्थान सरकार के सहकारिता विभाग (Cooperative Department) ने प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सहकारिता आंदोलन को सुदृढ़ करने और अन्नदाताओं को भंडारण की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। बजट घोषणा वर्ष 2026-27 की क्रियान्विति के तहत राज्य की गोदाम विहीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों (GSS) में 100 मीट्रिक टन (MT) क्षमता के आधुनिक गोदामों के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति (Administrative Approval) जारी कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना से ग्रामीण स्तर पर खाद्यान्न, बीज और उर्वरक के भंडारण में आ रही बाधाएं दूर होंगी और किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में बड़ी राहत मिलेगी।सहकारिता विभाग के संयुक्त शासन सचिव (Joint Secretary)प्रहलाद सहाय नाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों की चिन्हित 27 ग्राम सेवा सहकारी समितियों (GSS) में नए गोदामों का निर्माण कराया जाएगा। इनमें बाड़मेर, बूंदी, जयपुर, चूरू, नागौर, अलवर, बाड़मेर, बांसवाड़ा, झुंझुनूं, कोटा, बालोतरा (जोधपुर) और जालौर जिले की समितियां शामिल हैं। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने की तिथि से 15 दिवस के भीतर संबंधित समितियों को प्रबंध निदेशक (MD), सीसीबी (CCB – Central Cooperative Bank) या उप रजिस्ट्रार यूनिट के माध्यम से नियमानुसार मय अनुशंसा-चेकलिस्ट प्रस्ताव प्रधान कार्यालय को प्रेषित करना अनिवार्य होगा। तय समय सीमा में प्रस्ताव नहीं भेजने पर यह स्वीकृति स्वतः निरस्त मानी जाएगी। इस पहल से ग्रामीण अंचल में सहकारी ढांचे का विकास होगा और किसानों को घर के पास ही भंडारण की सुविधा मिल सकेगी।
15 दिन में भेजने होंगे प्रस्ताव, तय समय सीमा में चूकने पर निरस्त होगी स्वीकृति
सहकारिता विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के तहत गोदाम विहीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों (GSS) में 100 मीट्रिक टन (MT) क्षमता के गोदाम निर्माण को लेकर प्रशासनिक स्वीकृतियां तो जारी कर दी गई हैं, लेकिन इसके साथ ही विभाग ने सख्त दिशा-निर्देश भी लागू किए हैं। विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के ठीक 15 दिनों के भीतर सभी संबंधित समितियों को अपने प्रस्ताव हर हाल में भेजने होंगे।जारी आदेश के मुताबिक, समितियों को प्रबंध निदेशक (MD), केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB ) या संबंधित उप रजिस्ट्रार यूनिट के माध्यम से पूरी अनुशंसा और चेकलिस्ट के साथ प्रस्ताव प्रधान कार्यालय भिजवाने होंगे। यदि कोई समिति निर्धारित 15 दिवस की समयावधि के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करती है, तो उसकी प्रशासनिक स्वीकृति स्वतः ही निरस्त मान ली जाएगी। सहकारिता विभाग की इस सख्त मॉनिटरिंग व्यवस्था से निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की सुस्ती या लापरवाही पर रोक लगेगी और समयबद्ध तरीके से गोदामों का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा, जिससे ग्रामीण किसानों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।


