सार
Udaipur : सीसीबी प्रधान कार्यालय में राईसेम के सहयोग से बैंक कार्यक्षेत्र की समस्त ग्राम सेवा सहकारी समितियों के लिए ‘व्यवसाय विविधिकरण’ पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन कर व्यवसाय विविधिकरण योजनाओं पर दी गई विस्तृत जानकारी

विस्तार
उदयपुर । डिजिटल डेस्क | 28 फरवरी | केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) प्रधान कार्यालय में आज राजस्थान सहकारी शिक्षा एवं प्रबंध संस्थान (RICEM) जयपुर के सहयोग से बैंक कार्यक्षेत्र की समस्त ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs) के लिए ‘व्यवसाय विविधिकरण’ पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें संबंधित समितियों के व्यवस्थापक सहित राईसेम की संकाय सदस्य श्रीमती पूजा चतुर्वेदी ने भी भाग लिया । इस दौरान श्रीमती पूजा चतुर्वेदी ने ’सहकार से समृद्धि’ आंदोलन के तहत शामिल व्यवसाय विविधिकरण योजनाओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए किसी भी व्यवसाय को आरंभ करने के लिए आवश्यक स्वोट विश्लेषण (SWOT analysis) के महत्व को उजागर किया । साथ ही उन्होने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे समितियों अल्पकालीन फसली ऋण के साथ-साथ खाद-बीज विक्रय, जन औषधि केन्द्र, पीडीएस, जल जीवन मिशन, ई-मित्र, कॉमन सर्विस सेन्टर एवं कृषक विकास केन्द्र का कार्य कर सकती है।
वही सीसीबी प्रबंध निदेशक अनिमेष पुरोहित ने कार्यशाला में बताए गए नवाचारों को संबंधित समितियों में लागू करने का आग्रह व्यवस्थापकों से किया । इस दौरान उदयपुर, राजसमन्द, सलुम्बर एवं प्रतापगढ जिले की 90 से अधिक ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों सहित डॉ धर्मेश मोटवानी, बैंक अधिकारी के.एल. शर्मा, हितेश पांचाल, प्रिन्स गहलोत एवं श्रीमती मीना नेभनानी आदि उपस्थित रहे।
अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 की कार्य योजना पर डाला प्रकाश
कार्यशाला के दौरान सहकारिता विभाग उदयपुर के उप रजिस्ट्रार लोकेश जोशी ने अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 की कार्य योजना पर प्रकाश डाला। साथ ही, बैंक अधिशाषी अधिकारी डॉ मेहजबीन बानो ने व्यवसाय विविधिकरण हेतु सहकारी बैंक की योजनाओं के बारे में प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी देते हुए बताया कि समिति बैंक की विभिन्न ऋण योजनाओं का लाभ उठाकर नया व्यवसाय आरंभ कर सकती है तथा यह ऋण योजनाऐं बहुत ही कम ब्याज दर पर समितियों को ऋण उपलब्ध करवाती है।