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इस वर्ष 5 लाख नए कृषकों को ऋण उपलब्ध करवाने का लक्ष्य – सहकारिता राज्यमंत्री

सार

Rajasthan News : सहकारिता राज्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्थापकों को नियमित करने का मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय द्वारा इस मामले में दिये गए स्टे के हटने के बाद ही इस संबंध में फैसला लिया जा सकेगा।

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विस्तार

जयपुर, 5 अगस्त। सहकारिता राज्यमंत्री श्री गौतम कुमार ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश के जरूरतमंद किसानों को साख सीमा के अनुरूप अधिकतम ऋण उपलब्ध करवाने के पूरे प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 5 लाख नए कृषकों को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
सहकारिता राज्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में केन्द्रीय सहकारी बैंक द्वारा रतनगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 10 हजार 162 किसानों को 5704.72 लाख रुपए एवं चूरू जिले में 86 हजार 853 किसानों को 4639.66 लाख रुपए का अल्पकालीन ऋण वितरित किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि चूरू जिले तथा रतनगढ़ विधानसभा क्षेत्र में गत चार सालों में मध्यकालीन ऋण के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि मध्यकालीन ऋण के आवेदन प्राप्त होने पर ऋण उपलब्ध कराया जायेगा।
श्री गौतम कुमार ने कहा कि व्यवस्थापकों को नियमित करने का मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय द्वारा इस मामले में दिये गए स्टे के हटने के बाद ही इस संबंध में फैसला लिया जा सकेगा।

इससे पहले विधायक श्री पूसाराम गोदारा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में सहकारिता राज्यमंत्री ने बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा किसानों को 1.50 लाख रूपये तक अल्पकालीन ऋण की साख सीमा एवं केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा सीधे किसानों को कृषक मित्र योजनान्तर्गत 3.00 लाख रूपये तक अल्पकालीन साख सीमा दिये जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि मध्यकालीन ऋण अन्तर्गत केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा किसानों को 10 लाख रूपये तक की साख सीमा उपलब्ध करायी जाती है।

सहकारिता राज्यमंत्री ने बताया कि सहकारी बैंकों के पास सीमित वित्तीय संसाधनों के दृष्टिगत उक्त साख सीमा को वर्तमान में बढाया जाना विचाराधीन नहीं है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों में लंबे समय से कार्यरत व्यवस्थापकों को नियमित करने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने रतनगढ विधान सभा क्षेत्र एवं चूरू जिले में केन्द्रीय सहकारी बैंक द्वारा विगत 4 वर्ष में किसानों को उक्त साख सीमा अन्तर्गत उपलब्ध कराये गये ऋणों का विवरण सदन के पटल पर रखा।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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