सारांश (News Summary)
सहकारिता विभाग (Cooperative Department) ने बजट घोषणा 2026-27 के तहत ग्राम सेवा (GSS) व क्रय-विक्रय समितियों (KVSS) में 100, 250 और 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों (Godowns) के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है। 15 दिवस में प्रस्ताव न भेजने पर स्वीकृति रद्द होगी।
मुख्य खबर:
जयपुर | सहकारी जगत की रिपोर्ट्स 10 अक्टूबर|राज्य सरकार की बजट घोषणा वर्ष 2026-27 (Budget Announcement Year 2026-27) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सहकारिता विभाग (Cooperative Department) ने तत्परता दिखाई है। विभाग के संयुक्त शासन सचिव (Joint Secretary) प्रहलाद सहाय नागा की ओर से जारी आदेशों के अनुसार विभिन्न ग्राम सेवा सहकारी समितियों (GSS) एवं क्रय-विक्रय सहकारी समितियों (KVSS) में नए भंडारण ढांचों के निर्माण तथा पुराने जीर्ण-शीर्ण परिसरों के स्थान पर आधुनिक निर्माण की प्रशासनिक मंजूरी (Administrative Approval) प्रदान कर दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के ग्रामीण अंचल में कृषि उपज तथा खाद-बीज के सुरक्षित रखरखाव को मजबूती मिलेगी।
सहकारिता विभाग (Cooperative Department) द्वारा जारी नवीनतम प्रशासनिक आदेशों के तहत अलग-अलग भंडारण क्षमता के केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत 500 मीट्रिक टन (Metric Ton) क्षमता के विशाल भंडारण ढांचों के लिए कोटा (Kota), अजमेर (Ajmer), झालावाड़ (Jhalawar), बाड़मेर (Barmer), जयपुर (Jaipur) तथा सलुम्बर (Salumber) जिलों की कुल 10 प्रमुख समितियों को हरी झंडी दी गई है। इसी प्रकार 250 मीट्रिक टन (Metric Ton) क्षमता की श्रेणियों में बारां (Baran), चूरू (Churu), झुंझुनूं (Jhunjhunu) और कोटा (Kota) जिले की समितियों को शामिल किया गया है। वहीं जर्जर हो चुके पुराने ढांचों के स्थान पर 100 मीट्रिक टन (Metric Ton) क्षमता के नए परिसरों के निर्माण के लिए बारां (Baran), बूंदी (Bundi), सीकर (Sikar), कोटा (Kota), बालोतरा (Balotra), हनुमानगढ़ (Hanumangarh), अलवर (Alwar), जयपुर (Jaipur), भीलवाड़ा (Bhilwara) एवं कोटपूतली (Kotputli) क्षेत्र की 24 समितियों को स्वीकृतियां जारी की गई हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रशासनिक कदम सक्षम स्तर से अनुमोदित है। आदेश में कड़े दिशा-निर्देश देते हुए पाबंद किया गया है कि प्रशासनिक मंजूरी जारी होने की तारीख से ठीक 15 दिवस की अवधि के भीतर संबंधित समितियों को प्रबंध निदेशक (Managing Director – CCB) या उप रजिस्ट्रार (Deputy Registrar Unit) के माध्यम से नियमानुसार अनुशंसा व चेकलिस्ट (Checklist) सहित विस्तृत प्रस्ताव प्रधान कार्यालय (Head Office) भेजने होंगे। निर्धारित समयावधि में प्रस्ताव प्रस्तुत न करने की स्थिति में जारी की गई मंजूरी स्वतः ही निरस्त मान ली जाएगी।
समयसीमा का कड़ा पहरा: लापरवाही पड़ी तो रद्द होगी मंजूरी
विभागीय स्तर पर जारी विशेष दिशा-निर्देशों में कार्य की गति और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है। केंद्रीय सहकारी बैंकों (Central Cooperative Banks) के प्रबंध निदेशकों (Managing Directors) तथा विभागीय अधिकारियों को पाबंद किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ क्षेत्रों की पात्र समितियों के आवश्यक दस्तावेज तुरंत प्रभाव से तैयार करवाएं। यदि कोई इकाई पंद्रह दिनों की तय सीमा में औपचारिकताएं पूर्ण कर पत्रावली मुख्यालय प्रेषित करने में विफल रहती है, तो उसकी प्रशासनिक अनुमति बिना किसी अग्रिम सूचना के समाप्त हो जाएगी।


