सार
Rajasthan : सीसीबी भरतपुर में स्थाई प्रबंध निदेशक नहीं होने से किसानों को हो रही भारी परेशानी.. सहकार नेता आमेरा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्थाई प्रबंध निदेशक लगाने की उठाई मांग

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 8 दिसम्बर | प्रदेश के भरतपुर स्थित केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) में पिछले 5 वर्षो से पूर्णकालिक स्थाई प्रबंध निदेशक (MD) का पदस्थापन नहीं हो पाया है । इसके चलते भरतपुर एवं धौलपुर जिले के किसानों को भारी परेशानी हो रही है । अब ऑल राजस्थान कॉ-आपरेटिव बैंक एम्पलाईज यूनियन एवं ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा ने मुख्यमंत्री (CM) भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर भरतपुर केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) में प्रबंध निदेशक लगाने की मांग की है ।
उन्होने बताया कि गत 6 माह से भरतपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक में प्रबंध निदेशक के पद पर सीसीबी दौसा के प्रबंध निदेशक को अतिरिक्त कार्यभार के रूप में लगाया हुआ है, परिणामस्वरुप भरतपुर एवं दौसा दोनो जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों का कार्य नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रहा है। सहकार नेता ने पत्र के जरिए बताया कि 5 वर्षो में भरतपुर सीसीबी में पूर्णकालिक नियमित प्रबंध निदेशक के अभाव में 6 प्रबंध निदेशक अतिरिक्त कार्यभार पर कार्यरत रहे, जिससे सीसीबी के समस्त दैनिक कार्य बाधित होने के साथ-साथ सीसीबी की वित्तीय स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है ।
साथ ही, सीसीबी में नियमित प्रबंध निदेशक नहीं होने के चलते एनपीए, अवधिपार ऋणों में लगातर वृद्धि पर भी चिंता जताई गई है । सहकार ने कहा कि वर्तमान में सीसीबी पर वित्तीय संकट उत्पन्न हो गया है । इस स्थिती में कृषक एवं जनहित में नियमित प्रबंध निदेशक लगाने की अत्यंत आवश्यकता भी जताई है ।
पिछले पांच सालों में 14 बार बदले प्रबंध निदेशक
सहकार नेता आमेरा के पत्रानुसार, भरतपुर सीसीबी में पिछले पांच वर्षो में 14 बार प्रबंध निदेशक बदले गये है । जिनमें योगेश कुमार जैन, वी.के.वर्मा, विजेन्द्र कुमार शर्मा, आर.पी.मीणा, दुर्गालाल बलाई, इन्दरसिंह, अवतारसिंह मीणा, सतेन्द्रसिंह मीणा, उमेश चन्द शर्मा, शिवदयाल मीणा, रोहित सिंह आदि शामिल है । मजे की बात यह है कि योगेश कुमार जैन, इन्दरसिंह, का प्रबंध निदेशक पद का कार्याकाल एक सप्ताह से भी कम का रहा है । जहां, योगेश कुमार जैन ने 29-30 जून 2020 को महज दो दिन ही इस सीसीबी में प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभाला, तो विजेन्द्र कुमार शर्मा ने 28 दिसंबर 2020 से 4 जनवरी 2021 तक महज 6 दिन ही कार्याकाल संभाला । इसी तरह इन्दरसिंह ने भी 29 सितंबर 2021 से 4 अक्टूबर 2021 तक महज 6 दिन का ही कार्याकाल संभाला था ।


