Home राज्य फसली ऋण पर निर्भर रबी की बुवाई

फसली ऋण पर निर्भर रबी की बुवाई

जिले भर में होनी है रबी सीजन की बुवाई

जालोर 22 सितम्बर 2021। डिजिटल डेस्क। जिले में कमजोर मानसून के चलते क्षेत्र में बोई गई फसलों के जलने के बाद गत दिनों से हो रही बरसात से सिंचित क्षेत्र की फसलों में कुछ राहत के साथ रबी सीजन की बुवाई समय पर होने की उम्मीद बनी है, लेकिन अकाल के हालात देखते हुए खरीफ फसल बुवाई लागत नहीं निकलने से रबी बुवाई भी ऋण लेकर करने की स्थिति बन गई है। जिले में इस बार सर्वाधिक साचौर, चितलवाना स्थित नहरी क्षेत्रो में रबी सीजन की बुवाई होनी है। ऐसे में फसली सहकारी ऋण पर किसानों की निर्भरता बढ़ गई है।

समय पर ऋण वितरण होने पर ही बुवाई संभव

सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक जालोर ने जिले में वर्ष भर में 595 करोड़ रुपयों के ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया था। 31 अगस्त तक खरीफ सीजन के ऋण वितरण में 280 करोड़ रुपयों का ऋण वितरण किया गया। रबी सीजन में 291 करोड़ के ऋण वितरण का लक्ष्य पूरा होना है। ऐसे में समय पर ऋण वितरण शुरू होने पर ही किसान रबी सीजन की बुवाई कर पाएंगे।

इस बार अधिकांश फसलें खराब

इस बार समय पर बारिश नहीं होने की वजह से खरीफ सीजन में बोई गई अधिकांश फसलें खराब हो गई। इस बार निर्धारित बुवाई लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाया और अधिकांश फसलों को नुकसान हुआ है। बाजरा की करीब 50 प्रतिशत फसल जल गई। वहीं अन्य फसलें भी प्रभावित हुई है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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