जालोर 9 अक्टूबर। जिला मजिस्ट्रेट निशान्त जैन ने जिले में विधानसभा आम चुनाव-2023 को शांतिपूर्वक, स्वतन्त्र, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न करवाने की दृष्टि से सम्पूर्ण जिले में 9 अक्टूबर, सोमवार से निषेधाज्ञा जारी की है जो कि चुनाव प्रक्रिया समाप्ति तक प्रभावी रहेगी ।
जिला मजिस्ट्रेट निशान्त जैन ने जिले में विधानसभा आम चुनावों में जिले के सभी क्षेत्रों एवं वर्गो के मतदाता बिना किसी आतंक एवं भय के अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग स्वतन्त्र रूप से कर सकें, इसके लिए असामाजिक, अंवाछित एवं समाज विरोधी तत्वों की गैर कानूनी गतिविधियों को नियन्त्रित करने, कानून व्यवस्था एवं लोक शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है जिसके तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के विस्फोटक पदार्थ, आग्नेय शस्त्र जैसे रिवोल्वर, पिस्टल, राईफल, बन्दूक, (एम.एल.गन एवं बी.एल.गन) आदि एवं अन्य हथियार जैसे गण्डासा, फर्सी, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, बर्छी, गुप्ती, कटार, धारिया, बाघनख (शेर पंजा) जो किसी धातु का बना हो तथा विधि द्वारा प्रतिबन्धित हथियार और मोटे घातक हथियार, लाठी आदि सार्वजनिक स्थानो पर धारण कर न तो घूमेगा, न ही प्रदर्शन करेगा और न ही प्रयोग करेगा।
सुरक्षा की दृष्टि से राजकीय ड्यूटी पर सैनिक बलों, राजस्थान सशस्त्र पुलिस, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात सैनिक, अर्द्धसैनिक व होमगार्ड एवं चुनाव ड्यूटी में मतदान केन्द्रों में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। सिक्ख समुदाय के व्यक्तियों को उनकी धार्मिक परम्परा के अनुसार कृपाण धारण करने की छूट होगी। यह आदेश शस्त्र अनुज्ञापत्र नवीनीकरण के लिए आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण करवाने तथा शस्त्र पुलिस थाने में जमा करवाने के लिए ले जाने पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा वृद्ध, अपाहिज एवं बीमार व्यक्ति जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते हैं, लाठी का उपयोग चलने में सहारा लेने के लिए कर सकेंगे।
निषेधाज्ञा के तहत कोई भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी (उम्मीदवार) संबंधित रिटर्निंग अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना सार्वजनिक स्थल पर चुनाव प्रयोजन के लिए सभा आदि का आयोजन नहीं कर सकेगा। कोई भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी (उम्मीदवार) एवं अन्य कोई व्यक्ति, संगठन व समूह जिला पुलिस जालोर या संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्वानुमति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थल पर किसी भी प्रयोजन के लिए जुलूस, रैली, सभा, धरना आदि का आयोजन नहीं करेगा। सम्बन्धित क्षेत्र के उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्वानुमति के बिना ध्वनि विस्तारण यंत्रों का प्रयोग नहीं करेगा। विशेष परिस्थतियों में ध्वनि विस्तारण यन्त्र के उपयोग व अनुमति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दी जा सकेगी किन्तु अनुमति इस प्रकार नहीं दी जायेगी कि इससे यातायात व्यवस्था, लोक सुविधा एवं लोक शांति विक्षुब्ध हो, किन्तु यह प्रतिबंध बारात एवं शव यात्रा पर लागू नहीं होगा। उल्लंघन की स्थिति में राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1963 के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले तथा उत्तेजक नारे नहीं लगायेगा, न ही ऐसा कोई भाषण या उद्बोधन देगा, न ही ऐसे पेम्पलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की चुनाव सामग्री छापेगा या छपवायेगा, न ही वितरण करेगा या वितरण करवायेगा साथ ही न ही किसी एम्पलीफायर, रेडियो, टेप रिकॉर्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियो-वीडियो कैसेट, सीडी या अन्य किसी दृश्य-श्रव्य इलेक्ट्रोनिक साधनों या इन्टरनेट व सोशल मीडिया के माध्यम से इस प्रकार या प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवायेगा, और न ही ऐसे कृत्यों के लिए किसी को दुष्प्रेरित करेगा। इसी प्रकार किसी भी राजनैतिक दल, व्यक्ति के समर्थन या विरोध में निजी एवं सार्वजनिक व राजकीय सम्पतियों पर किसी भी तरह के नारे लेखन या चुनाव प्रतीकों का चित्रण नहीं करेगा और न ही किसी तरह के पोस्टर, होर्डिग आदि लगायेगा और न ही सार्वजनिक व राजकीय सम्पतियों को विरूपित करेगा। ऐसा किया जाने पर राजस्थान सम्पत्ति विरूपण अधिनियम 2006 की धारा 3, 4, 5 के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मादक पदार्थो का सेवन नहीं करेगा, न ही अन्य किसी को सेवन करायेगा, न ही अन्य किसी को दुष्प्रेरित करेगा तथा अधिकृत विक्रेताओं के अलावा कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के अलावा अन्य उपयोग के लिए सार्वजनिक स्थलों में मदिरा लेकर आवागमन नहीं करेगा और न ही किसी को दुष्प्रेरित करेगा तथा अधिकृत विक्रेता सूखा दिवस पर मदिरा विक्रय नहीं करेगा।
इसी प्रकार मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों, गुरूद्वारों या अन्य धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार मंच के रूप में नहीं किया जायेगा। मतदाताओं को वाहनों से मतदान केन्द्रो तक लाने ले जाने पर पूर्णतः रोक रहेगी। कोई भी व्यक्ति मतदान दिवस के दिन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित परिधि के भीतर किसी भी तरह के मोबाईल फोन, सेलफोन, वायरलेस का उपयोग नहीं करेगा एवं न ही लेकर चलेगा किन्तु यह प्रतिबंध चुनाव ड्यूटी पर कार्यरत कार्मिकों, अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों पर लागू नहीं होगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता का पूर्णतया पालन करना होगा। इस निषेद्याज्ञा की अवहेलना व उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 के तहत दंडित किया जायेगा ।