
जालोर 17 जनवरी। राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत कृषि विभाग एवं ईफको द्वारा 18 जनवरी, बुधवार को आहोर पंचायत समिति के सेदरिया बालोतान ग्राम के 20 हैक्टेयर क्षेत्र में ड्रोन तकनीकी के माध्यम से नैनो यूरिया छिड़काव का सजीव प्रदर्शन किया जायेगा।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आर.बी.सिंह ने बताया कि इस ड्रोन तकनीकी सजीव प्रदर्शन में कृषि विभाग के फील्ड स्टाफ, प्रगतिशील कृषक, एफपीओ, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
उन्होंने बताया कि फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए यूरिया के सर्वाधिक इस्तेमाल से कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट होने की शिकायते लंबे समय से आती रही है। इस चिंता को दूर करने के लिए ईफको द्वारा नैनो यूरिया फर्टिलाइजर लिक्विड रूप में तैयार किया गया है। नैनो यूरिया, नैनो तकनीक पर आधारित एक स्वदेशी नैनो उर्वरक ह,ै जो भारत सरकार द्वारा अनुमोदित है। फसल की क्रांतिक अवस्थाओं पर नैनो यूरिया का पत्तियों पर छिड़काव करने से नाइट्रोजन की पर्याप्त मात्रा में फसलों को आपूर्ति हो जाती हैं जिससे उत्पादन में वृद्धि के साथ ही पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया लिक्विड फर्टिलाइजर से यूरिया की अत्यधिक मात्रा के इस्तेमाल करने से नष्ट होती किसानों की भूमि की उर्वरा शक्ति को बचाने में मदद मिलेगी साथ ही किसानों का पैसा, परिश्रम और समय भी बचायेगी। आधा लीटर नैनो खाद की उर्वरा क्षमता यूरिया की 45 किग्रा. वजनी 1 बोरी के बराबर होगी। यूरिया सिर्फ 30 फीसदी ही फसल को लाभ दे पाती है किन्तु नैनो यूरिया 80 फीसदी तक लाभ प्रदान करती है। यूरिया की अपेक्षा नैनो का खर्च कम है तथा यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है। ड्रोन से नैनो यूरिया का एक साथ विस्तृत क्षेत्र में छिड़काव कम समय में समान रूप से किया जा सकता है साथ ही कृषकों के समूह द्वारा मिलकर एक साथ ड्रोन से छिडकाव करने पर समय, धन व खर्च में बचत हो सकेंगी।


