संयुक्त टीम ने मोरसीम ग्राम का भ्रमण कर किया सर्वे, नहीं मिले टिड्डी प्रकोप के प्रमाण

जिला कलक्टर के निर्देश पर टिड्डी के संभावित प्रकोप की पुष्टि के लिए संयुक्त टीम ने मोरसीम ग्राम का भ्रमण कर किया सर्वे, नहीं मिले टिड्डी प्रकोप के प्रमाण

जालोर 13 नवम्बर। जिला कलक्टर निशान्त जैन के निर्देशानुसार बागोड़ा तहसील के मोरसीम गांव में टिड्डी के संभावित प्रकोप की पुष्टि के लिए गठित संयुक्त टीम द्वारा रविवार को क्षेत्र का भ्रमण कर सर्वे किया गया।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. आर.बी.सिंह, बागोड़ा तहसीलदार चमनलाल, कृषि विज्ञान केन्द्र केशवना के पौध संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. प्रकाशचन्द यादव व प्रसार शिक्षा वैज्ञानिक डॉ. विकास कुमार, भीनमाल कृषि अधिकारी मनोहरलाल विश्नोई, मोरसीम पटवारी गोपालराम विश्नोई व कृषि पर्यवेक्षक चेतनराम की संयुक्त टीम द्वारा रविवार को मोरसीम ग्राम में किये गये सर्वे के दौरान टिड्डी एवं अण्डे जैसे कोई प्रमाण नहीं मिले।
किसान के खेत में ग्राम होपर की 2-3 प्रजातियाँ पायी गई। जैसे-जैसे दिन का तापमान कम होता जायेगा वैसे-वैसे इनका प्रकोप कम होता जायेगा। टीम द्वारा कृषकों को इसके प्रबंधन के लिए डेल्टामेथ्रीन 2.8 प्रतिशत ई.सी. 2 मिली प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करने का सुझाव दिया गया। उक्त कीटनाशक नहीं मिलने पर लेम्डासायहेलोथ्रीन 5 प्रतिशत या क्लोरपायरीफोस 50 प्रतिशत ई.सी. 1 मिली प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करने की सलाह दी। टीम द्वारा यह बताया गया कि अभी टिड्डी आने की कोई संभावना नहीं है।

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