
जालोर 26 जून। जिले में चक्रवात ‘‘बिपरजॉय’’ के दौरान बाढ़ व अत्यधिक वर्षा से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों के तात्कालिक मरम्मत के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के संबंध में विचार-विमर्श कर अनुमोदन के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल ने जिले में चक्रवात ‘‘बिपरजॉय’’ के दौरान बाढ़ व अत्यधिक वर्षा से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों सड़क, पुलिया, नहर, कुंआ, हेडपंप, बांध, बिजली तंत्र, विद्यालय भवन, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, महिला मंडल, युवा केन्द्र, पंचायत घर, सामुदायिक भवन एवं आंगनवाड़ी भवनों के क्षतिग्रस्त होने पर तत्काल मरम्मत के लिए प्रस्तावों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में सभी क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों को प्रस्तावों में सम्मिलित किया जावें ताकि तत्काल मरम्मत कार्य के प्रावधान के अंतर्गत प्रस्ताव को भेजा जा सके।
बैठक में राज्य आपदा मोचन निधि की गाइडलाइन के अनुसार विभागवार प्रस्तावों की समीक्षा कर अनुमोदन किया गया।
बैठक में जिला प्रमुख राजेश कुमार एवं आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने विभागीय अधिकारियों को चक्रवात ‘‘बिपरजॉय’’ के दौरान प्रभावित परिवारों एवं व्यक्तियों के नुकसान का आकलन कर उन्हें उचित सहायता दिलवाने की बात कही।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार वासु ने राज्य आपदा मोचन निधि द्वारा विभागवार प्रस्तावों के संबंध में गाइडलाइन के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल मेघवाल, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियता महेश व्यास, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता ताराचंद कुलदीप, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जयलाल मीणा, सीएमएचओ डॉ. रमाशंकर भारती, मुख्य जिला शिक्षाधिकारी चुन्नीलाल परिहार, महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक अशोक विश्नोई, जिला शिक्षाधिकारी प्रारंभिक श्रीराम गोदारा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


