Home | जयपुर | रबी एवं खरीफ के अल्पकालीन फसली ऋण की साख सीमा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत – सहकारिता राज्य मंत्री

रबी एवं खरीफ के अल्पकालीन फसली ऋण की साख सीमा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत – सहकारिता राज्य मंत्री

सार

Rajasthan News : किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से रबी एवं खरीफ फसलों के लिए पृथक-पृथक अल्‍पकालीन फसली ऋण दिया जाता है। सहकारिता राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन ऋणों को एकमुश्त किये जाने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं 

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विस्तार

जयपुर, 05 अगस्त। सहकारिता राज्य मंत्री श्री गौतम कुमार ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से रबी एवं खरीफ फसलों के लिए दिए जाने वाले अल्‍पकालीन फसली ऋण की साख सीमा बढ़ाए जाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। श्री गौतम कुमार प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बारां जिले में वर्ष 2023-24 में 2 हजार 64 किसानों को एवं 2024-25 में 1 हजार 496 किसानों को 1.50 लाख रूपये का फसली ऋण वितरित किया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से रबी एवं खरीफ फसलों के लिए पृथक-पृथक अल्‍पकालीन फसली ऋण दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन ऋणों को एकमुश्त किये जाने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
इससे पहले विधायक श्री ललित मीणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में सहकारिता राज्य मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि जिला स्‍तरीय तकनीकी समिति द्वारा निर्धारित मानदण्‍ड अनुसार कृषक की जोत, उसके द्वारा बोई जाने वाली फसलों तथा केन्‍द्रीय सहकारी बैंक के पास उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधनों के आधार पर अल्‍पकालीन फसली ऋण दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि बारां जिले में बारां केन्‍द्रीय सहकारी बैंक द्वारा 1 जनवरी,2019 से 31 मार्च, 2019 तक 414 किसानों को 3.39 करोड़ रूपये, वर्ष 2019-20 में 32,310 किसानों को 132.59 करोड़ रूपये, वर्ष 2020-21 में 44,127 किसानों को 298.17 करोड़ रूपये, वर्ष 2021-22 में 52,468 किसानों को 411.67 करोड़ रूपये, वर्ष 2022-23 में 52,022 किसानों को 411.87 करोड़ रूपये एवं वर्ष 2023-24 (1 अप्रेल से 31 जुलाई तक) में 45,416 किसानों को 209.29 करोड़ रूपये का अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किया गया।

उन्होंने जानकारी दी कि राज्‍य में केन्‍द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्‍यम से प्रत्‍येक वर्ष 1 अप्रेल से 31 अगस्‍त तक खरीफ हेतु एंव 1 सितम्‍बर से 31 मार्च तक रबी हेतु अल्‍पकालीन फसली ऋण उपलब्‍ध करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में 01 अप्रैल 2024 से खरीफ का ऋण वितरण जारी है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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