Home स्‍पेशल कोरोना महामारी में सहकारी भूमि विकास बैंकों के किसानों को दी राहत

कोरोना महामारी में सहकारी भूमि विकास बैंकों के किसानों को दी राहत

  • अवधिपार ऋणी किसानों का 50 प्रतिशत ब्याज होगा माफ

  • एक मुश्त समझौता योजना की अवधि को 30 जून तक बढ़ाया

जयपुर, 13 मई। सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने गुरुवार को बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते किसान वर्ग को राहत देते हुए सहकारी भूमि विकास बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों के हित में एक मुश्त समझौता योजना की अवधि को 31 मार्च,2021 से बढ़ाकर 30 जून,2021 तक लागू की गयी है। इस योजना के तहत अवधिपार श्रेणी के किसानों द्वारा अवधिपार खाते का निस्तारण करने पर अवधिपार ब्याज एवं दण्डनीय ब्याज की 50 प्रतिशत तक राशि  माफ  करने का प्रावधान किया गया है। श्री आंजना ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत किसानों के प्रति संवेदनशील है और उन्होंने कोरोना महामारी में किसानों को ऋण का चुकारा करने में हो रही परेशानियों के मद्देनजर राहत देने के निर्देश दिये थे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के सभी प्रकार के कृषि एवं अकृषि ऋण जो 1 जुलाई, 2019 तक अवधिपार हो चुके है। ऐसे किसान अब 30 जून, 2021 तक अपना  अवधिपार ऋण चुकाकर राहत का लाभ उठाते हुए नियमित किसान की श्रेणी में आ सकेंगे। सहकारिता मंत्री ने बताया कि ऐसे अवधिपार ऋणी किसान जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके परिवार को किसान की मृत्यु तिथि से सम्पूर्ण बकाया ब्याज, दण्डनीय ब्याज एवं वसूली खर्च को पूर्णतया माफ कर राहत दी गई हैं।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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