Exclusive : दूसरे जिलों में छपते हैं ग्राम पंचायत के टेंडर


जालोर I डिजिटल डेस्क I 7 फरवरी । जिले की सांचौर, चितलवाना, सरनाऊ, रानीवाड़ा, पंचायत समिति अंतर्गत ग्राम पंचायतों (gram panchayats) में निर्माण कार्यों (construction works) के ठेके अपने चहेतों को मनमानी कीमत में देने के लिए जिले से बाहर के अखबारों (newspapers) में विज्ञापन प्रकाशित करवाया जा रहा हैं । जबकि नियमानुसार ऐसी निविदायें (tenders) स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित होनी चाहिए ।
यह बताना प्रसंगिक है कि ग्राम पंचायतों के अधिकांश टेंडर जिले से बाहर के संस्करणों में वर्षो से ही प्रकाशित कराये जाते हैं। जिनके आधार पर ग्राम पंचायत जिसे चाहें टेंडर दे देता है। ये सभी टेंडर ग्राम विकास अधिकारियों (village development officers) द्वारा प्रकाशन को दिये जाते हैं। इन पंचायत समितियों में यहां मौजूद कई ग्राम विकास अधिकारी एक दशक से अधिक समय में नियम विरुद्ध सैकड़ों निविदायें बाहरी संस्करणों में प्रकाशित करा चुके हैं। बार-बार ऑडिट (audit) होने के बावजूद इतनी बड़ी अनियमितता पकड़ में न आना लेखा परीक्षकों (auditors) और ग्राम विकास अधिकारियों की मिलीभगत का सबसे शानदार नमूना है।
बीते वर्षों में कई ग्राम पंचायतों में निर्माण तथा सामान खरीददारी में घोटालों की जांच की मांग की गयी है। जांच लगभग सभी शिकायतों पर हुई है, शिकायतें बिल्कुल सच भी हुई हैं लेकिन जांचकर्ता जांच के बाद चुपचाप चलते बने हैं। अधिकांश जांचों में लीपापोती ही हुई है। दरअसल इस तरह की जांच जिला स्तर पर आती है। बाद में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (chief executive officer), फिर उससे नीचे और अंत में ग्राम विकास अधिकारी तक आकर खेल खतम हो जाता है। जबकि इस सारे खेल का असली सूत्रधार ग्राम विकास अधिकारी ही होता है। यदि उच्च स्तरीय जांच हो तो कई ग्राम विकास अधिकारियों के बीस वर्षीय कार्यकाल (twenty year term) में कई घोटाले (scam) सामने आ सकते हैं।

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