
सिरोही । डिजिटल डेस्क I 13 जुलाई I राज्य का सहकारिता विभाग भले ही जोरो-शोरो से ढोल पीटकर नए किसान सदस्य को सहकारिता से जोड़कर फसली सहकारी ऋण उपलब्ध करवाने के दावे करता हो, लेकिन जिले की केन्द्रीय सहकारी बैंक प्रबंध निदेशक (Central Cooperative Bank Managing Director) की ओर से जारी पत्रानुसार, जिले में वित्तिय वर्ष के दौरान महज 11 प्रतिशत नए किसान सदस्य को अल्पकालीन फसली सहकारी ऋण (short term crop cooperative loan) वितरित जिले की पैक्स-लैम्पस कर पाई है। इस साल शीर्ष बैंक की ओर से सीसीबी को खरीफ सीजन में आंवटित 146 करोड़ के लक्ष्य के अनुरुप 30 जून तक 122 करोड़ का ही ऋण वितरण जिले की पैक्स-लैम्पस के माध्यम से हो पाया है। वही, पैक्स-लैम्पस में वित्तिय वर्ष के दौरान 4000 नए किसान सदस्य को सहकारिता से जोड़कर ऋण मुहैया कराने के लक्ष्य में महज 454 किसानों को ऋण वितरण कर जिम्मेदारों ने सहकारिता विभाग की नए किसान जोड़ने की योजना को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जिससे सहकारिता विभाग के नए किसान सदस्य जोड़ने की योजना पर पानी फिरता नजर आ रहा है। सीसीबी की संचालित विभिन्न शाखाओं से लेकर प्रधान कार्यालय तक अंगद के पाव की तरह एक जगह जमे बैंक प्रबंधन की सुझबुझ ने नए किसान सदस्य को जोड़ने के लिए जिलेभर में खरीफ की बुवाई करीब-करीब संपन्न होने के पश्चात सीसीबी की समस्त शाखा प्रबंधक – ऋण पर्यवेक्षक को पत्र जारी कर जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े रजिस्टर्ड किसानों की सूची भेजते हुए कृषकों से संपर्क कर अल्पकालीन फसली ऋण योजना से लांभावित करने के आदेश जारी किए है।