सार
Sanchore : विधानसभा क्षेत्र की 68 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में से एक पर नहीं हैं समर्थन मूल्य खरीद केंद्र, किसान परेशान : बंपर पैदावार के बावजूद, उन्हें मजबूरन गुजरात की मंडियों का करना पड़ रहा रुख

विस्तार
सांचौर। डिजिटल डेस्क | 10 फरवरी | राजस्थान राज्य सहकारी क्रय-विक्रय संघ (RAJFED) द्वारा हाल ही में जारी की गई समर्थन मूल्य केंद्रों की सूची ने ‘समर्थन मूल्य खरीद’ (MSP) के दावों की पोल खोल दी है। सांचौर विधानसभा क्षेत्र में 68 ग्राम सेवा सहकारी समितियां (Pacs) कार्यशील होने के बावजूद, जमीनी हकीकत यह है कि एक भी ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा खरीद का कार्य नहीं किया जा रहा है। पूरे विधानसभा क्षेत्र में केवल एकमात्र क्रय-विक्रय सहकारी समिति (KVSS) को ही खरीद का जिम्मा सौंपा रखा है । यह स्थिति तब है जब सांचौर का एक बड़ा हिस्सा नर्मदा नहर की बदौलत बंपर पैदावार कर रहा है। समर्थन मूल्य पर खरीद के इंतजामों की इस ’सूखी’ व्यवस्था के कारण किसान अब पड़ोसी राज्य गुजरात की मंडियों का रुख करने को मजबूर हैं। हैरानी की बात यह है कि जहां नियम और तर्क किसानों की सुविधा के लिए गांव-गांव में केंद्र खोलने की वकालत करते हैं, वहीं सांचौर की 68 समितियों के कर्ताधर्ता खरीद केंद्र लेने में रुचि ही नहीं दिखा रहे हैं। क्या कर्ताधर्ता को डर है कि किसानों के हित में काम करने से उनकी ’आराम तलबी’ में खलल पड़ेगा? हालांकि जिस जनता की सुविधा के लिए इन ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन हुआ, वहां के कर्ताधर्ता जिम्मेदारी से कतरा रहे हैं। यह विभाग के उच्चाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान लगाता है।


