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रबी फसलों का विपणन वर्ष 2023-24 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित

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गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2125 रूपये निर्धारित

जयपुर, 11 नवम्बर। भारत सरकार द्वारा रबी विपणन मौसम वर्ष 2023-24 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को मंजूरी दी है। भारत सरकार द्वारा गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों एवं रेपसीड तथा सनफ्लावर (कुसुम्भ) का रबी विपणन वर्ष 2023-24 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है।रबी विपणन मौसम की रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य गेहूं का 2125 रूपये प्रति क्विंटल, जौ का 1735 रूपये प्रति क्विंटल, चने का 5335 रूपये प्रति क्विंटल, मसूर (लेन्टिल) का 6000 रूपये प्रति क्विंटल, सरसों एवं रेपसीड का 5450 रूपये प्रति क्विंटल तथा सनफ्लावर (कुसुम्भ) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5650 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। रेपसीड एवं सरसों समूह से संबंधित अन्य तिलहनों जैसे तोरिया का मूल्य रेपसीड और सरसों के साथ उनके सामान्य बाजार मूल्य अंतरों के आधार पर तय किए जाएंगे। अनाजों और मोटे अनाजों के मामले में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और अन्य नामित राज्य एजेंसियां किसानों को मूल्य समर्थन प्रदान करना जारी रखेगी। राज्य सरकार केन्द्र सरकार के पूर्वानुमोदन से मोटे अनाजों की खरीदारी जारी रखेगी और खरीदी गई संपूर्ण मात्रा को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसए) के तहत वितरित करेगी। सब्सिडी केवल एनएफएसए के तहत जारी की गई मात्रा के लिए ही प्रदान की जाऎगी। भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नैफेड), लघु कृषक-कृषि व्यापार संघ (एसएफएसी) और अन्य नामित केंद्रीय एजेंसियां दलहनों और तिलहनों की खरीदारी करना जारी रखेगी। ऎसे प्रचालनों में नोडल एजेंसियों के द्वारा हानियां, यदि कोई हो तो, उनकी पूर्ण प्रतिपूर्ति केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य में रबी विपणन मौसम वर्ष 2023-24 में न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीद के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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