सार
Jodhpur : जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियां की स्थिती बहुत दयनीय है, ऑडिट फीस देने तक का बना हुआ अभाव

विस्तार
जोधपुर । डिजिटल डेस्क | 28 दिसम्बर | जिले की 80 फीसदी से ज्यादा ग्राम सेवा सहकारी समितियां की स्थिती बहुत दयनीय है । इनमें संस्थापन व्यय तक की राशि नहीं है और नहीं कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल रहा है । यहां तक कि ऑडिट फीस देने का भी अभाव बना हुआ । इसी स्थिती को लेकर जोधपुर केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) के ददरवाजे कई बार खटखटाने के बावजूद मांगों का निराकरण नहीं होने के चलते अंततः परेशान होकर जिला स्तर की समस्याओं के लिए पैक्स व्यवस्थापकों को राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) की ओर कूच करना पड़ रहा है । दरअसल, जोधपुर सहकारी पैक्स कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने राजस्थान राज्य सहकारी बैंक प्रबंध निदेशक के नाम सहायक महाप्रबंधक (कार्मिक) श्रीमती सुमन जैन को ज्ञापन सौंपा है । जिसमें 7 सूत्री मांगों के निराकरण की अपेक्षा की गई है । इनमें से अधिकतर मांग जोधपुर केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंधन स्तर की है । लेकिन यहां वर्षो से जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियां को कमजोर बनाने की रीति और नीति का चलन चलाया जा रहा है ।
सात सूत्री मांग की निराकरण की अपेक्षा
जोधपुर सहकारी पैक्स कर्मचारी यूनियन द्वारा जिन 7 सूत्री मांग के निराकरण की अपेक्षा की गई है । उनमें सीसीबी की शाखा में ग्राम सेवा सहकारी समितियां का ऋण और ब्याज खाता अलग-अलग रखने, 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान की राशि केवल सहकारी समिति के बचत खाते में जमा करने, 2017 तक नियुक्त सहायक व्यवस्थापकों को सहकारी समितियां का चार्ज देने, प्रधानमंत्री फसली बीमा योजना का कमीशन समय पर देने की मांग के साथ किसानों की साख सीमा बढ़ाने के अधिकार भी ग्राम सेवा सहकारी समितियों को प्रमुखता से देने की मांग की शामिल है । इसके अलावा, प्रत्येक ग्राम सेवा सहकारी समितियों को 5 वर्ष के लिए 5 लाख तक का व्यवसायिक ऋण देने और साख सीमा का प्रत्येक समितिवार 10 प्रतिशत के आधार पर नवीनीकरण करवाने की मांग भी रखी गई । साथ ही, 50 हजार से अधिक के ऋणों की बढ़ाने का अधिकार व्यवस्थापक को देने की भी मांग उठाई गई है ।
निर्देशों की हो रही अवहेलना
राज्य सरकार की ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना में समय पर ऋण चुकारा करने पर ग्राम सेवा सहकारी समितियां को दो प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है । इसको ग्राम सेवा सहकारी समितियां के बचत खाते में जमा करवाने के लिए राजस्थान राज्य सहकारी बैंक द्वारा समय-समय पर निर्देश जारी किये जाते रहे हैं । लेकिन इन निर्देशों की पालना जोधपुर सीसीबी में नहीं हो रही है । यूनियन की ओर बताया गया कि 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान ही जोधपुर जिले की अधिकतर ग्राम सेवा सहकारी समितियां का एकमात्र आय का स्रोत है । इसको भी सीसीबी द्वारा अवधिपार खाते में जमा किया जा रहा है ।


