बिलाड़ा वृहद बहुधंधी सहकारी समिति का वार्षिक अधिवेशन संपन्न, 12.21 लाख का शुद्ध लाभ किया अर्जित

सार 

Jodhpur : बिलाड़ा वृहद बहुधंधी सहकारी समिति 65वां वार्षिक अधिवेशन संपन्न, वर्ष 2024-2025 में 1137.42 लाख का कारोबार किया और समिति का किसानों को वितरित किया लाभांश

विस्तार 

जोधपुर । डिजिटल डेस्क | 29 दिसम्बर | जिले के बिलाड़ा में स्थित वृहद बहुधंधी सहकारी समिति बिलाड़ा का 65वां वार्षिक अधिवेशन का आयोजन विधायक अर्जुनलाल गर्ग के मुख्य आतिथ्य एवं समिति अध्यक्ष लक्ष्मण लखावत की अध्यक्षता में किया गया । इसमें सर्वप्रथम समिति व्यवस्थापक पूनाराम काग ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लेखे प्रस्तुत कर, बताया कि इस वर्ष में समिति ने 1137.42 लाख रुपए का कारोबार किया और वित्तीय वर्ष 2024-25 में 12.21 लाख रुपए का शुद्ध लाभ भी अर्जित किया। इस वर्ष की व्यापार कार्य की प्रगति को बहुत अच्छी है । उन्होने बताया कि 58.37 लाख रुपए के कुल लाभ में से 46.16 लाख रुपए कोष के रूप में बनाए जाने के बाद शुद्ध लाभ 12.21 लाख रुपए रहा। साथ ही समिति अध्यक्ष लक्ष्मण लखावत ने वर्ष 2023-24 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर, अपना अध्यक्षीय उद्बोधन भी दिया । उन्होने कहा कि समिति सदस्यों के सुझावों के अनुसार कार्य कर रही है और किसानों को समय-समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराती रही है। बिलाड़ा में यूरिया खाद की कभी कमी नहीं हुई। समिति सदैव किसानों की भलाई और समृद्धि के लिए प्रयासरत रहेगी। इसके अलावा, अधिवेशन में किसानों को लाभांश का वितरण किया गया । इस दौरान पूर्व मंत्री मिश्रीलाल सिरवी, मदन सिंह, बाबूलाल राठौड़, फुआराम राठौड़, कृषि अधिकारी और बीज उत्पादक मैनेजर सहित समिति के पदाधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

सतत और लाभप्रद कृषि को बढ़ावा दिया जाएं

वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए विधायक अर्जुन लाल गर्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने कृषि के आधार को मजबूत किया है। सहकारिता के माध्यम से इसे किसानों की समृद्धि के लिए उपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि नई कृषि नीति में कम पानी, कम रासायनिक उपयोग और न्यूनतम जोखिम वाली खेती पर जोर है। इसके तहत वैज्ञानिक तरीके से सिंचाई प्राकृतिक खेती, मिट्टी परीक्षण और जोखिम कम करने वाली फसलों का चयन शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए मिट्टी और जल सुरक्षा, संस्थागत ऋण, बाजार पहुंच, उत्पाद प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्कीटंग पर ध्यान देना आवश्यक है। भविष्य में सब्सिडी पर निर्भर खेती की जगह सतत और लाभप्रद कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा।

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