
जालोर I डिजिटल डेस्क I 2 मार्च I दी जालोर सेण्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की आहोर शाखा में स्टाफ की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्र से बैक आने वाले आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पर्याप्त स्टाफ न होने से आये दिन आमजन और बैंक कर्मचारियों में नोंक झोंक की स्थिति बनी रहती है। आमजन ने जोधपुर खण्ड मे मूकदर्शक बनकर बैठे अतिरिक्त रजिस्ट्रार से लेकर नेहरू सहकार भवन जयपुर तक शाखा मे स्टाफ बढ़ाये जाने की अनेकों बार मांग की गई है लेकिन इसका कोई भी असर अधिकारियों पर नहीं हुआ है।
दी जालोर सेण्ट्रल को-ऑपरेटिव की आहोर शाखा के अधीन तीस सहकारी समितियो के लगभग 20 हजार 287 ऋणी सदस्यो के अतिरिक्त फसल बीमा, सामाजिक योजनाए की राशी का लेनदेन किया जाता है। वर्तमान समय मे जो शाखा व्यवस्थाएं हैं, वे आमजन के लिए नाकाफी साबित हो रही हैं। इस शाखा से ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से रबी-खरीफ सीजन में अल्पकालीन फसली ऋण वितरण के करोड़ों का लेन देन किया जाता है। स्टाफ की कमी के चलते कई सहकारी समितियों के कर्मियों के साथ-साथ किसानों भी अपने कार्य को करवाने में असफल रहते है। लेकिन अब तक यहां पर स्टाफ नहीं बढ़ाया गया है। इसी स्टाफ द्वारा ही रबी खरीफ सीजन मे फसली ऋण स्वीकृत करने की कार्रवाई किये जाने से बैंक के रोजमर्रा का लेन देन प्रभावित होता है। इस समय बैंक में लेनदेन का कार्य एक ही काउंटर से होने के कारण इस काउंटर पर अत्याधिक दबाव रहता है। काफी लम्बी-लम्बी लाइनें लगी रहती हैं वहीं कभी -कभार सर्वर डाऊन भी रहने से भी आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। सहकारिता आंदोलन से जुडे सुत्रो का कहना है कि वे स्टाफ की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखित में कई बार अवगत करा चुके है


