
जालोर । डिजिटल डेस्क । 8 अप्रैल । किसानों से बीमा के नाम पर की जा रही लूट के विरोध में सहकारिता आंदोलन से जुङे सुत्रो ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बताया कि किसानों का एक वर्ष में दो से तीन बार बीमा किया गया है । जिसमें किसान से किसी प्रकार की सहमति नहीं ली गई । बीमा बैंक अपनी मर्जी से 500 से लेकर 5 हजार रुपए तक की बीमा राशि किसानों के नाम सहकारी बैंकों में लिखी गई । ज्ञापन में बताया गया है कि जिन किसानों ने अपना ऋण 31 मार्च 2022 तक चुकता कर दिया है, उन किसानों के खाते में चुकता रकम के भी ब्याज लगा दिया गया है। जिसको दुरुस्त कराया जाने की मांग करते हुए किसानों की मांग के अनुरूप बीमा को स्वैच्छिक किए जाने की मांग ज्ञापन के माध्यम से की गई हैं ।


