जैसलमेर सीसीबी ने एनपीए और अवधिपार ऋण राशि की वसूली को लेकर बनाई 60 दिवसीय कार्य योजना

सार 

Jaisalmer : प्रमुख शासन सचिव और जिला कलेक्टर जैसलमेर के निर्देश पर सीसीबी प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में आयोजित की गई समीक्षा बैठक, अब एनपीए और अवधिपार ऋण राशि की वसूली को लेकर जैसलमेर सीसीबी करेगी राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम की धारा के अंतर्गत कार्यवाही

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विस्तार 

जैसलमेर । डिजिटल डेस्क | 10 जनवरी | जिले में स्थित केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) की वर्तमान वित्तीय स्थिती यथा ऋण वितरण, ऋण वसूली, अमानतों की स्थिती एवं नाबार्ड के निर्देशानुसार कैपिटल टू रिस्क-वेटेड एसेट्स रेशियो (CRAR) की समीक्षा बैठक प्रबंध निदेशक (MD) की अध्यक्षता में आयोजित की गई । इसमें सीसीबी की वार्षिक साधारण सभा (AGM) का आयोजन करने के साथ ‘राज्य सरकार से प्राप्ति योग्य ऋण माफी का लंबित भुगतान’ आदि बिन्दुओं पर समीक्षा की गई । जिसमें सीसीबी प्रशासक से प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को लंबित भुगतान जारी करवाने हेतु निवेदन करने के साथ-साथ फरवरी 2026 में सीसीबी की वार्षिक साधारण सभा की बैठक आयोजित कर बैंक के शेयर कैपिटल (Share Capital) में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया । इसके अलावा ऋण वितरण एवं ऋण वसूली के मामले में सीसीबी अधिकारियों एवं कर्मचारी द्वारा राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2001 एवं नियम 2003 के अन्तर्गत धारा 99 और 100 के अंतर्गत कार्यवाही करने का सुझाव दिया गया । जिस पर प्रबंध निदेशक द्वारा कार्यवाही करने के निर्देश प्रदान किये गये । हालांकि राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम की धारा के अंतर्गत कार्यवाही करने की 60 दिवसीय योजना सीसीबी द्वारा बनाई गई है । जिसमें जनवरी माह के अंतिम दो सप्ताह में धारा 99 अंतर्गत नोटिस जारी करने, फरवरी माह के दो सप्ताह में ऋणी सदस्यों की विभिन्न मीडिया संसाधनों से सूचना सार्वजनिक करने और फरवरी के अंतिम दो सप्ताह में धारा 100 के तहत कुर्की, विक्रय/बैंक द्वारा अधिग्रहण की कार्यवाही करने जैसी योजना शामिल है ।

100 करोड़ का एनपीए और 250 करोड़ अवधिपार

जैसलमेर सीसीबी का सकल एनपीए 100 करोड़ से अधिक है, इसमें सहकार किसान कल्याण योजना में 80 करोड़ एवं कृषक मित्र ऋण योजना में 20 करोड़ का एनपीए है । जो कि जैसलमेर जिले के 2500 सीमांत एवं वृहद कृषक, जिनकी जोत 1 हैक्टर से अधिक हैं, में पिछले पांच वर्षों से बकाया चल रही है । इसके कारण बैंक की वित्तीय स्थिती एवं साख पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है । इसके अलावा 250 करोड़ से अधिक अल्पकालीन फसली ऋण अवधिपार चल रहा है । इन कारणों से सीसीबी को नाबार्ड से वित्तीय पुर्नभरण प्राप्त नहीं हो रहा है । इसी के चलते बैंक अमानतदारों को भुगतान करने में भी दैनिक तरलता का अभाव होने के कारण समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है ।

बचत खातों पर लगाई जाएगी रोक

अल्पकालीन फसली ऋण अवधिपार होने की स्थिति लघु कृषक की सीमा अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए सिबिल में अवधिपार राशि की सूचना दी जाएगी, इसके कारण संबंधित ऋणी के किसी अन्य भी बैंक में लिये गये फसली अथवा गैर फसली ऋण पर ब्याज दर में बढोतरी या पूर्ण वसूली संभव है । चूंकि अल्पकालीन फसली ऋण जनआधार से लिंक है। इसलिए संबंधित ऋणी सदस्यों के जैसलमेर सीसीबी से संबंधित केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के अंतर्गत लाभाविन्त बचत खातों पर रोक लगाई जाएगी ।

– सभी अवधिपार एवं एनपीए ऋणी सदस्यों से आग्रह किया जाता हैं कि वे अपने ऋण की अवधिपार एवं एनपीए ऋण राशि बैंक की निकटतम शाखा में जमा करावें, अन्यथा किसी भी कानूनी कार्यवाही के लिए ऋणी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
-ओमपालसिंह भाटी, जैसलमेर CCB MD

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