सार
गुजरात के गांधीनगर में केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई ‘सहकार मंथन’ बैठक, सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने की बैठक में सहभागिता : राज्य में हो रहे कार्यों एवं नवाचारों की राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना

विस्तार
जयपुर, 18 फरवरी। ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 17 फरवरी, मंगलवार को ‘सहकार मंथन’ बैठक गांधीनगर में आयोजित हुई। इसमें राजस्थान से सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने सहभागिता दर्ज कराई । उन्होने बताया कि विशेष रूप से विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के बेहतर क्रियान्वयन, सहकारी समितियों द्वारा मिलेट आउटलेट्स खोले जाने, राष्ट्रीय स्तर पर गठित बहुराज्यीय सहकारी समितियों की राज्य की सहकारी समितियों द्वारा सदस्यता, नवीन एम-पैक्स के गठन, उदयपुर में बाइक ऑन रेंट सेवा शुरू किए जाने एवं सहकार सदस्यता अभियान आदि के लिए राज्य की सराहना की गई। उन्होंने बताया कि विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के क्रियान्वयन में राज्य का देश में प्रथम एवं नवीन एम-पैक्स के गठन में द्वितीय स्थान है। इसी प्रकार, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की सदस्यता के मामले में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने बताया कि राज्य की सहकारी समितियों द्वारा अब तक 225 मिलेट आउटलेट्स खोले जा चुके हैं। इस दौरान सहकारिता विभाग की शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्रीमती आनन्दी भी इस बैठक में शामिल हुईं।

सहकारी संस्थाओं के बैंक खाते ज़िला सहकारी बैंकों में खोले – शाह
मंथन बैठक में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यों को अन्न भण्डारण क्षमता बढ़ाने, सभी सहकारी संस्थाओं के बैंक खाते ज़िला सहकारी बैंकों में खोलने एवं केन्द्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सहकारी बैंकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने आगामी दिनों में देश में अनाज भण्डारण क्षमता उत्पादन की तुलना में तीन गुना बढ़ाने पर बल दिया।
नवीन गतिविधियों को लेकर दिया प्रस्तुतीकरण
सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने बैठक में सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए राज्य की ओर से अपने सुझाव दिए। वहीं, राज्य की ओर से एक प्रस्तुतीकरण भी हुआ, जिसमें बताया गया कि राज्य की सहकारी समितियां अब केवल किसानों को ऋण वितरण तक सीमित नहीं है बल्कि सोलर एनर्जी प्लांट, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वेयर हाउस, जिम, लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस, ड्रोन, कस्टम हायरिंग सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर एवं ई-मित्र आदि नवीन गतिविधियों को अपनाकर वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं एवं नये वर्गों को भी अपने साथ जोड़ रही हैं।


