Home जयपुर रोहट के शेष किसानों को शीघ्र होगा फसल खराबे के मुआवजे का भुगतान – आपदा प्रबन्धन मंत्री

रोहट के शेष किसानों को शीघ्र होगा फसल खराबे के मुआवजे का भुगतान – आपदा प्रबन्धन मंत्री

Remaining farmers of Rohat will be paid compensation for crop damage soon – Disaster Management Minister

जयपुर, 2 फरवरी। आपदा प्रबन्धन एवं सहायता मंत्री श्री गोविन्दराम मेघवाल ने गुरूवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि पाली जिले की रोहट तहसील में वर्ष-2021 में अतिवृष्टि  एवं अल्पवृष्टि से हुये फसल खराबे से प्रभावित केवल 941 काश्तकारों को मुआवजे का भुगतान किया जाना शेष है। इनमें से 779 किसानों को भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, और इन्हें जल्द भुगतान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शेष 162 किसानों के बैंक खातों का विवरण सही करवाया जा रहा है , इसके लिए संबन्धित तहसीलदार को पाबन्द किया गया है। उन्होंने कहा कि खातों का विवरण सही होने पर इन्हें भी शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा।
श्री मेघवाल प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में विधायकों की ओर से पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसडीआरएफ के तहत केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुसार 33 प्रतिशत फसल खराबे पर मुआवजा देय है, जबकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कम्पनी द्वारा मुआवजे का भुगतान किया जाता है। दोनों योजनाओं के नियमों में भिन्नता है।
इससे पहले विधायक श्री ज्ञानचन्द पारख के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में आपदा प्रबन्धन मंत्री ने बताया कि पाली जिले की रोहट तहसील में वर्ष 2020 से 2022 तक बाढ़ से एवं वर्ष 2020 व 2022 में सूखे से फसल खराबा शून्य है तथा वर्ष 2021 (सम्वत् 2078) में सूखे से फसलों में 100 प्रतिशत खराबा हुआ है।
उन्होंने बताया कि तहसील रोहट में खरीफ फसल वर्ष 2021 (सम्वत् 2078) में सूखे से प्रभावित कुल 22 हजार 274 काश्तकारों में से 21 हजार 333 प्रभावित काश्तकारों को 2093.53 लाख रुपये का कृषि आदान-अनुदान भुगतान किया जा चुका है। शेष 941 काश्तकारों के भुगतान की  कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने इसका ग्रामवार विवरण सदन के पटल पर रखा।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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