सार
Jaipur : मुख्य सचिव की स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी के साथ बजट पूर्व बैठक- राज्य में ऋण संवर्धन और वित्तीय समावेशन की हुई समीक्षा- कम राशि के लोन स्वीकृति और वितरण को फास्ट ट्रैक पर लेकर छोटे उद्यमियों, युवाओं के स्वरोजगार में भागीदार बनें -मुख्य सचिव

विस्तार
जयपुर, 21 जनवरी। बैंकिंग क्षेत्र ऋण संवर्धन और वित्तीय समावेशन के माध्यम से राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी है। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बैंको के प्रतिनिधियों से एमएसएमई, महिला उद्यमिता, राजीविका के साथ ही केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत और वास्तविक ऋण वितरण के मध्य के अंतर को खत्म करने के निर्देश दिये। जिससे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के साथ ही मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विकसित राजस्थान@2047 व राज्य के आर्थिक विकास के अन्य मध्यकालीन और अल्पकालीन लक्ष्यों को पूरा किया जा सके।
मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी के साथ आयोजित प्री बजट बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में राज्य में ऋण वितरण और बैंकिंग सेवाओं के संवर्धन को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र के विस्तार के लिए राज्य में अपार संभावनाएं हैं। राईजिंग राजस्थान समिट के तहत हुए एमओयू के सम्बंध में प्रदेश में 8 लाख करोड़ रूपये के निवेश की ग्राउण्ड ब्रैकिंग की जा चुकी है, ऐसे में बैंकों के पास अपार संभावनाएं है। सभी बैंक संभावित क्षेत्रों का चयन करके अपने ऋण सुविधाओं का विस्तार करें।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एम.एस.एम.ई.) श्री शिखर अग्रवाल ने कहा कि राज्य में पंच गौरव योजना के तहत 41 जिलों में 41 उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। बैंकों के लिए प्रत्येक जिले में इन उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण व विपणन के क्षेत्र में ऋण संवर्धन की अपार संभावनाएं हैं। वे अपने स्थानीय अधिकारियों को इस कार्य के लिए प्रो एक्टिव करें। बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक श्री संजय विनायक मुदलियार वीसी के माध्यम से जुड़े। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, नाबार्ड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, आईडीबीआई, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित विभिन्न शीर्ष बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सुविधाओं का करे विस्तार
आयोजना विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने गत वर्ष एवं चालू वर्ष में ऋणों के आवेदन एवं स्वीकृति के मध्य बढ़ते अंतर का विश्लेषण कर इसे कम करने के निर्देश दिए। वित्त (बजट) विभाग के शासन सचिव श्री राजन विशाल ने कहा कि बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सुविधाओं का विस्तार करे। उन्होंने कहा कि बैंक ‘की- पर्फोंमेंस इंडीकेटर्स(केपीवाई)’ एवं विकास की संभावनाओं के आधार पर क्षेत्रों की तलाश कर वहां बैंकिंग सेवाओं का विस्तार किया जावें।
लॉन पेंडेंसी को कम किया जा रहा
स्टेट मिशन निदेशक, आजीविका परियोजनाएँ एवं स्वयं सहायता समूह श्रीमती नेहा गिरि ने निर्देश दिए कि राज्य में बैंकों द्वारा दिए जा रहे लोन राशि की साइज आरबीआई द्वारा जारी गाईडलाइन के अनुरूप करने व स्वयं सहायता समूह की दीदीयों द्वारा आवेदित ऋणों की पैंडेंसी कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजीविका के द्वारा समृद्धि निधि योजना के अतंर्गत बैंकों के साथ समन्वय कर लॉन पेंडेंसी को कम किया जा रहा है। बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा ऋण वितरण एवं बैंकिंग व्यवस्था पर आधारित प्रस्तुतीकरण दिया गया। जिसमें राजस्थान में ऋण वितरण की स्थिति, फेमवर्क, रणनीति और विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की गई।


