सार
Jaipur : राजस्थान राज्य सहकारी बैंक ने करीब 11 महीने की देरी के बाद ऋण माफी ब्याज के 200.50 करोड़ रुपये जारी करने की प्रक्रिया शुरू की

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 13 फरवरी | प्रदेश में सहकारिता विभाग और राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) की कार्यप्रणाली को देखकर लगता है कि यहाँ कैलेंडर और घड़ी, दोनों ही किसी दूसरे ग्रह के हिसाब से चलते हैं। मामला है ऋण माफी के ब्याज की राशि का, जिसे ’पीडी खाता-पीडी खाता’ खेलने के बाद आखिरकार फरवरी 2026 में याद किया गया। आपको याद दिला दें (क्योंकि विभाग तो शायद भूल ही गया था), कि राज्य सरकार ने ऋण माफी ब्याज के पेटे लगभग 200.50 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि 30 मार्च 2025 को ही जारी कर दी थी। उस वक्त खूब वाह-वाही लूटी गई थी कि सहकारी बैंकों के हित में यह राशि वरदान बनकर आई है । लेकिन वह करोड़ों की भारी-भरकम राशि चुपचाप ’पीडी खातें’ में गहरी नींद में सो गई । अब, करीब 11 महीने बाद 11 फरवरी 2026 को राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) को होश आया है कि उन्हें यह राशि केंद्रीय सहकारी बैंकों को भेजनी है। 13 फरवरी 2026 को बकायदा पत्र लिखकर समस्त प्रबंध निदेशकों को निर्देशित किया जा रहा है कि भाई साहब, अब जरा बिल जनरेट कर लीजिए और ’यथाचित’ लेखांकन कर लीजिए।
88 करोड़ का नया ’स्टॉक’ और पुरानी सुस्ती
हैरानी की बात तो यह है कि अभी दो सप्ताह पूर्व ही सरकार ने 5 केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए 88 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की थी। लेकिन पुरानी रवायत कायम रखते हुए यह राशि भी राजस्थान राज्य सहकारी बैंक के पीडी खाते में ’अतिथि’ बनकर बैठ गई है। सहकारी बैंक 31 मार्च की बैलेंश सीट की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, और उधर करोड़ों रुपये खातों में पड़े-पड़े ’सरकारी औपचारिकता’ पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि राजस्थान राज्य सहकारी बैंक का मानना है कि पैसा ’सुरक्षित’ रहना ज्यादा जरूरी है, चाहे वह काम आए या न आए। पीडी खातों में राशि का इस तरह पड़े रहना यह दर्शाता है कि बकाया ब्याज की राशि जारी करना केवल एक ’इवेंट’ बन गया है।
28 केंद्रीय सहकारी बैंकों को फरमान
राजस्थान राज्य सहकारी बैंक ने जयपुर सीसीबी को छोड़कर प्रदेश के अन्य 28 केंद्रीय सहकारी बैंकों को अब जाकर बिल बनाने का ’न्योता’ भेजा है। सूची में 188.11 करोड़ रुपये का बंटवारा किया गया है। इसमें बाड़मेर सीसीबी को सबसे ज्यादा 21.26 करोड़, सीकर सीसीबी को 13.49 करोड़, कोटा सीसीबी को 11.81 करोड़, जोधपुर सीसीबी को 13.43 करोड़ और अन्य समस्त सीसीबी को 10 करोड़ से कम तथा सबसे कम बीकानेर को 1.32 करोड़ की राशि, उनके पीडी खातों में मिलने वाली है।


