सार
Jaipur : प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल ने सहकारी समिति गेगल पर उर्वरक उपलब्धता एवम् किसानों को उर्वरक वितरण की प्रक्रिया एवम् कस्टम हायरिंग सेन्टर पर उपलब्ध कृषि यंत्रों एवम् ट्रैक्टर किराये पर देने की जानकारी ली

विस्तार
जयपुर, 20 दिसंबर। अजमेर के गेगल ग्राम सेवा सहकारी समिति पर बने कस्टम हायरिंग सेन्टर व प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र और पुष्कर ग्रामीण कृषि युवा एवं रोजगार उत्पादक कंपनी लिमिटेड (PRAYE) एफपीओ का प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल एवं आयुक्त कृषि सुश्री चिन्मयी गोपाल ने शनिवार को औचक निरीक्षण किया।
प्रमुख शासन सचिव ने सहकारी समिति गेगल पर उर्वरक उपलब्धता एवम् किसानों को उर्वरक वितरण की प्रक्रिया एवम् कस्टम हायरिंग सेन्टर पर उपलब्ध कृषि यंत्रों एवम् ट्रैक्टर किराये पर देने की जानकारी ली। समिति में कृषि आदान खाद, उर्वरक, बीज एवम् कीटनाशक आदि के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कस्टम हायरिंग सेन्टर का लाभ अधिकतम किसानों को मिले इसके लिए ज्यादा प्रयास करने के निर्देश दिए। भविष्य में किसानों हेतु उर्वरक, बीज की उपलब्धता हेतु 500 में० टन क्षमता के गोदाम निर्माण एवम् भूमि आवंटन के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए।
श्रीमती मंजू राजपाल ने एफपीओ में गुलाब की पत्तियों से गुलकंद निर्माण की प्रक्रिया का अवलोकन किया और इसे ग्रामीण मूल्य संवर्धन की उत्कृष्ट मिसाल बताया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में पुष्कर ग्रामीण कृषि युवा एवं रोजगार उत्पादक कंपनी लिमिटेड (PRAYE) एफपीओ एक सशक्त और अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। अजमेर ग्रामीण ब्लॉक के देवनगर ग्राम में स्थित PRAYE एफपीओ ने सदस्यता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2016 में 260 सदस्यों से प्रारंभ हुआ यह संगठन नवंबर 2025 तक 1,275 शेयरधारकों तक पहुँच चुका है। क्रियान्वयन भागीदार (CBBO) के रूप में कृषक विकास संस्थान, अजमेर की सक्रिय भूमिका इस सफलता में अहम रही है।

बागवानी और वैल्यू एडिशन में अग्रणी
PRAYE एफपीओ गुलाबी गुलाब (पिंक रोज) तथा स्थानीय फलों—जामुन, फालसा और आँवला—पर आधारित बागवानी एवं मूल्य संवर्धन में अग्रणी है। प्रतिदिन 500–600 किलोग्राम गुलाब स्थानीय किसानों से एकत्र कर गुलकंद, गुलाब जल, शरबत और सूखी गुलाब पंखुड़ियों जैसे उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार किए जाते हैं। दिल्ली में बी2बी टाई-अप और एफपीओ के समर्पित आउटलेट्स के माध्यम से मजबूत बाजार संपर्क स्थापित किए गए हैं।
महिला सशक्तिकरण और रोजगार का मजबूत आधार
PRAYE एफपीओ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच बनकर उभरा है। प्रसंस्करण इकाई में 9 स्थायी और 35 अस्थायी रोजगार सृजित हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएँ कार्यरत हैं। सामूहिक विपणन से किसानों को गुलाब की उपज पर मंडी की तुलना में लगभग 25% अधिक मूल्य मिल रहा है। महिलाओं को आधुनिक वैल्यू एडिशन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा NABARD द्वारा आयोजित अंतरराज्यीय एक्सपोज़र विज़िट में भागीदारी भी कराई जा रही है। 10 से अधिक गाँवों में सक्रिय यह एफपीओ उन महिलाओं को पहचान, स्वामित्व और उद्यमिता का अवसर दे रहा है जो पहले अदृश्य श्रमिक थीं।
कृषि यंत्रीकरण और बाज़ार तक सीधी पहुँच
किसानों की लागत घटाने और सुविधा बढ़ाने हेतु PRAYE एफपीओ द्वारा कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) की स्थापना की जा रही है, जिससे आधुनिक कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध होंगे। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक उत्पाद पहुँचाने के लिए रूरल मार्ट वैन का प्रस्ताव NABARD को भेजा गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा स्रोत
अब तक PRAYE एफपीओ लगभग 100 अन्य एफपीओ के लिए एक्सपोज़र विज़िट आयोजित कर चुका है। NABARD और ATMA के अंतर्गत आयोजित इन कार्यक्रमों में प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और प्रबंधन की श्रेष्ठ प्रक्रियाएँ साझा की गईं। PRAYE एफपीओ की यह यात्रा किसानों की सामूहिक शक्ति, नवाचार और सतत ग्रामीण विकास का सशक्त उदाहरण है, जो प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के किसान संगठनों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।


