
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 21 जुलाई | प्रदेश में किसानों को रबी एवं खरीफ सीजन में खेती-किसानी के लिए केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCB) के माध्यम से ब्याज मुक्त योजना के तहत फसली सहकारी ऋण (Crop loan) ग्राम सेवा सहकारी समितियां (Pacs) द्वारा उपलब्ध कराया जाता हैं, गत साल प्रदेश की 29 केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCB) द्वारा रबी एवं खरीफ सीजन के दौरान लगभग 28 लाख से ज्यादा किसानों को 23 हजार करोड़ का फसली सहकारी ऋण (Crop Loan) मुहैया कराया गया था, वही, रबी सीजन में वितरित ऋणों का चुकारा करने की अंतिम तिथि राज्य सरकार की ओर से 30 जून निर्धारित की गई थी, इस अवधि के दौरान प्रदेश के 1 लाख से ज्यादा किसानों ने 250 करोड़ रुपए के ऋण चुकारा नहीं किया, अब इन किसानों को 7 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा। इसके अलावा सहकारी बैंकों ने इन किसानों पर एक जुलाई से दो फीसदी की दर से अतिरिक्त ब्याज की पेनल्टी भी लगाई है। जितने दिन बाद किसान ऋण चुकाएंगे, उतने ही दिन के अंतराल से किसान पर दो फीसदी अतिरिक्त ब्याज बैंक लगाएगा। यानी कुल 9 फीसदी ब्याज किसान को अब चुकाना होगा। दरअसल ज्यादातर किसानों ने कर्ज माफी की उम्मीद में ये राशि नहीं चुकाई। क्योंकि 2018 व 2019 में विधानसभा व लोकसभा चुनाव के साल में पूर्व सरकारों ने किसानों को लुभाने के लिए कर्ज माफी करवाई थी, ऐसे में इस बार भी किसानों को उम्मीद थी कि चुनावों के चलते कर्ज माफी होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ ।


