
जयपुर । डिजिटल डेस्क I 29 अप्रैल I प्रदेश में संचालित ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) के माध्यम से काश्तकारों को फसली सहकारी ऋण वितरित किया जा रहा है। फसली ऋण वितरित में एफआईजी पोर्टल (FIG Portal) के माध्यम से ऋण राशि आहरण पर बायोमैट्रिक सत्यापन (Biometric verification) के पश्चात पूर्ण राशि का भुगतान नहीं होने के चलते दी राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (The Rajasthan State Co-Operative Bank) ने एक पत्र जारी किया है। जिसके मुताबिक, समितियों द्वारा काश्तकारों को जितनी आहरण राशि के लिए बायोमैट्रिक से सत्यापन करवाया जाता है। उतनी राशि नहीं मिलने की शिकायतों के चलते अपेक्स बैंक प्रबंध निदेशक की ओर से समस्त सीसीबी प्रबंध निदेशक को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया हैं कि आपके बैंक क्षेत्र की समस्त शाखाओं एवं जीएसएस को पाबन्द कर काश्तकार द्वारा जितनी आहरण राशि के लिए एफआईजी पोर्टल पर बायोमैट्रिक सत्यापन करवाया जाता है। उतनी राशि काश्तकार को उपलब्ध करवाए जाने की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश पत्र के माध्यम से दिये गये है। । साथ ही पत्र में यह भी उल्लेख किया गया हैं कि यदि भविष्य में इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित बैंक प्रबंधन के विरुद्ध गंभीर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी ।
सत्यापन बना परेशानी
गौरतलब हैं कि सहकारिता विभाग की ओर से बायोमैट्रिक सत्यापन करने के उपरांत एफआईजी के जरिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में इंटरनेट की कमी के चलते भूमि पुत्रों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। इसके अलावा बुजुर्गों के बायोमैट्रिक पर फिंगर नहीं आने से ऋण से भी किसानों को वंचित होना पड़ता है, लेकिन सरकार की ओर से ऐसे बुजुर्ग किसानों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। ऐसे में किसानों को सेठ-साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता है


