सार
Rajasthan : ग्राम सेवा सहकारी समितियों को ‘एम-पैक्स’ (M-PACS) के रूप में विकसित कर व्यावसायिक गतिविधियाँ अनिवार्य की गई हैं। राजस्थान राज्य सहकारी बैंक के निर्देशानुसार, प्रत्येक समिति को कम से कम तीन व्यावसायिक कार्य शुरू करने होंगे।

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 6 फरवरी | प्रदेश की ग्राम सेवा सहकारी समितियों को ‘एम-पैक्स’ (Multipurpose PACS) के रूप में विकसित कर उनमें व्यावसायिक गतिविधियां अनिवार्य रूप से शुरू की जाएंगी। इसके लिए राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) प्रबंध निदेशक रणजीत सिंह चूंडावत द्वारा एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है । जिसके अनुसार भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की पहल पर आधारित इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCBs) को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं । इसमें प्रमुख रूप से प्रदेश में गठित सभी नए ‘एम-पैक्स’ को तुरंत केंद्रीय सहकारी बैंकों से जोड़ने तथा नवगठित और पंजीकृत एम-पैक्स के माध्यम से किसान सदस्यों को ऋण वितरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के आलवा प्रत्येक एम-पैक्स को अपना ’बिजनेस एक्टिविटी प्लान’ तैयार करने के निर्देश प्रदान किए गए है । हालांकि बिजनेस एक्टिविटी प्लान में प्रत्येक एम-पैक्स में कम से कम तीन अलग-अलग व्यावसायिक गतिविधियों को शामिल करना अनिवार्य किया गया है ।
पाक्षिक रिपोर्टिंग और निगरानी
योजना की प्रगति की बारीकी से निगरानी के लिए एक विशेष प्रारूप भी जारी किया गया है। इसके तहत केंद्रीय सहकारी बैंकों को पाक्षिक आधार पर डेटा ईमेल के माध्यम से शीर्ष बैंक को भेजना होगा। इस डेटा में एम-पैक्स की कुल संख्या, सदस्य संख्या, वितरित ऋण राशि और व्यावसायिक योजना बनाने वाली समितियों का पूरा विवरण शामिल होगा।


