सार
Jaipur : सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा के नेतृत्व में आंदोलन के पहले ही दिन सरकार ने दिखाई तत्परता : ऋण माफी योजना के तहत ब्याज अदायगी हेतु 82.85 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी, यह राशि पांच केंद्रीय सहकारी बैंकों को मिलेगी

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 4 फरवरी | राजस्थान के सहकारिता आंदोलन और खेती-किसानी की रीढ़ माने जाने वाले केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने ऋण माफी योजना के तहत बकाया ब्याज की अदायगी के लिए 82.85 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। विशेष बात यह है कि यह आदेश उस समय आया है जब ’ऑल राजस्थान को-आपरेटिव बैंक एम्प्लाइज यूनियन’, ’ऑफिसर्स एसोसिएशन’ और ’सहकारी साख समितियाँ एम्प्लाइज यूनियन’ के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेशव्यापी आंदोलन का शंखनाद किया गया। दरअसल सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा के नेतृत्व में आज प्रदेशभर में केंद्रीय सहकारी बैंकों के कर्मचारियों ने सहकारी साख आंदोलन को बचाने के लिए हुंकार भरी। बाड़मेर, झालावाड़, जयपुर, चूरू, उदयपुर और भरतपुर, बांसवाड़ा, हनुमानगढ़, सहित कई केंद्रीय सहकारी बैंकों के आगे कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा धरने और प्रदर्शन की खबरें सामने आईं। इस आंदोलन के दबाव और कर्मचारी संगठनों की जायज मांगों का ही परिणाम है कि सहकारिता विभाग ने तत्काल प्रभाव से पांच प्रमुख केंद्रीय सहकारी बैंक यथा भरतपुर, अलवर, जैसलमेर, नागौर और पाली के लिए 82.85 करोड़ रुपये की राशि जारी करने के आदेश दे दिए। सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक का आभार व्यक्त कर कहा, ‘‘यह पैक्स से अपैक्स तक के साख आंदोलन, सहकारी बैंकों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ट्रेड यूनियन धर्म और संस्कृति की जीत है। आंदोलन के पहले ही दिन सरकार द्वारा यह स्वीकृति प्रदान करना सहकारी बैंक कर्मियों के संघर्ष की सार्थकता को दर्शाता है।’’

82.85 करोड़ की राशि जारी
सहकारिता विभाग के संयुक्त शासन सचिव प्रहलाद सहाय नागा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पांच सीसीबी को 82.85 करोड़ की राशि जारी की गई है । यह राशि राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) लिमिटेड, जयपुर के पीडी (PD) खाते के माध्यम से संबंधित बैंकों को हस्तांतरित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में ही केंद्रीय सहकारी बैंकों ने इस बकाया राशि के भुगतान के लिए विभाग को ज्ञापन सौंपा था। साथ ही सहकार नेता आमेरा ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से मुलाकात कर केंद्रीय सहकारी बैंकों की इस स्थिती को अवगत कराया था । विभाग द्वारा पांच दिन पूर्व जारी किया गया यह आदेश उसी अल्टीमेटम और निरंतर किए जा रहे प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
पैक्स कैडर अथॉरिटी पर सकारात्मक वार्ता
आंदोलन के बीच एक और सुखद पहलू सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, सहकारिता मंत्री और सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा के बीच आज मुलाकात के दौरान विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई है। इस वार्ता में कर्ज माफी के बकाया भुगतान जारी करवाने पर न केवल ठोस आश्वसान दिया, बल्कि प्रदेश में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों के लंबे समय से लंबित ’कैडर अथॉरिटी’ बनाने की प्रक्रिया को पूर्ण करने सकारात्मक आश्वासन दिया है।

765 करोड़ का लक्ष्यः अब तक 283.35 करोड़ रुपये जारी
राज्य सरकार पर कर्ज माफी के विलंब भुगतान के ब्याज पेटे कुल 765 करोड़ रुपये की देनदारी थी। इसमें से 200.50 करोड़ रुपये की राशि एक वर्ष पूर्व राजस्थान राज्य सहकारी बैंक के पीडी खाते में जमा कराई गई थी। हाल ही में विभाग ने इस 200 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए समस्त केंद्रीय सहकारी बैंकों के पीडी खाते में राशि जमा करने के लिए पीडी खाते के संचालनकर्ता से ही कार्यवाही करने के निर्देश प्रदान दिए है । अब ताजा 82.85 करोड़ की स्वीकृति के साथ ही सरकार द्वारा कुल 283.35 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
एक्सपर्ट व्यू
सहकारिता विभाग का यह कदम न केवल केंद्रीय सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगा। सूरजभानसिंह आमेरा के नेतृत्व में संगठित आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि यदि मंशा साफ हो और मांगें न्यायसंगत हों, तो संवाद और संघर्ष के माध्यम से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। आगामी दिनों में शेष बकाया राशि और कैडर अथॉरिटी के गठन को लेकर भी सरकार से सकारात्मक रुख की उम्मीद है।
उदयपुर में 17 करोड़ के लिए और बाड़मेर में 81 करोड़ के लिए धरना
उदयपुर और बाड़मेर केंद्रीय सहकारी बैंक में आज ’ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्प्लॉईज यूनियन’ के बैनर तले बैंक कर्मियों ने सीसीबी प्रधान कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उदयुपर CCB कर्मियों का आरोप है कि राज्य सरकार पर ऋण माफी ब्याज के 17 करोड़ रुपये बकाया हैं, इसी तरह बाड़मेर CCB कर्मियों के अनुसार, राज्य सरकार पर ऋण माफी ब्याज के 81 करोड़ रुपये बकाया हैं जिसका भुगतान जून 2019 से अटका हुआ है। वही भुगतान न होने से उदयपुर और बाड़मेर केंद्रीय सहकारी बैंक की आर्थिक स्थिति संकट में है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 9 फरवरी को जयपुर के सहकार भवन पर प्रांतीय धरना दिया जाएगा। इसके बावजूद समाधान नहीं निकलने पर प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी, जिससे बैंकिंग सेवाएं ठप हो सकती हैं।


