ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारी तय करेंगे आंदोलन की रणनीति

सार 

Rajasthan : ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों का नियोक्ता निर्धारण करने, सहकारी बैकों में ऋण पर्यवेक्षकों के रिक्त पदों पर ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों को शत-प्रतिशत पदोन्नति देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर अब ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारी लामबंद

विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 18 अगस्त | प्रदेश की ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs & Lamps) में कार्यरत कर्मचारियों का नियोक्ता निर्धारण करने, स्क्रीनिंग के जरिए नियमितीकरण की प्रक्रिया में आयु शिथिलता देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर अब ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारी लामबंद होने जा रहे हैं। जिसके क्रम में राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (RSKSSS) के आह्वान पर प्रदेशभर से यूनियन जिला अध्यक्षों एवं संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक कल प्रातः 11 बजे जयपुर स्थित सिंधी कैम्प चन्द्रगुप्त होटल में आयोजित होगी । जिसमें सहकारी बैकों में ऋण पर्यवेक्षकों (L.S.) के रिक्त पदों पर ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों को शत-प्रतिशत पदोन्नति देने और पैक्स कर्मचारियों के सेवानियम कार्मिक विभाग से बनाने सहित विभिन्न मुद्दो पर चर्चा होगी। साथ ही, संघर्ष समिति की ओर से सहकारिता मंत्री को सुपुर्द ज्ञापन में वर्णित मांगों का 31 अगस्त तक निराकरण नहीं होने पर आंदोलन करने की रणनीति पर बैठक में विचार होगा और राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

2018-19 के आंदोलन में मिला सिर्फ आश्वासन

राजस्थान में वर्ष 2018-19 को ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs) के कर्मचारियों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन किया था । जिसके उपरांत तत्कालीन सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और तत्कालीन सहकारिता विभाग प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार एवं सहकारिता पंजीयक नीरज के पवन की मौजूदगी में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के निस्तारण का आश्वासन देकर आंदोलन को समाप्त करवाया गया था । लेकिन इन कर्मचारियों की नियोक्त निर्धारण/कैडर गठन की प्रमुख मांग का आज दिन तक निराकरण नहीं हो पाया हैं ।

मुख्यमंत्री ने भी कैडर बनाने की थी घोषणा

आज राजस्थान में ग्राम सेवा सहकारी समितियों की सबसे प्रमुख मांग : कर्मचारियों का नियोक्ता निर्धारण कर कैडर गठन करने की हैं । दरअसल, इस मांग पर राज्य की तत्कालीन भाजपा मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया ने डेगाना में एक समारोह के दौरान सहकारिता का जिला स्तरीय कैडर बनाने की घोषणा की थी । लेकिन वह घोषणा भी केवल घोषणा ही बनकर रह गई हैं ।

तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का आधिकारिक ट्वीट

तीन संगठनों की आपसी सहमति से बनी संघर्ष समिति

राज्य में वर्ष 2019 के उपरांत ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारी अपनी मांगों के लिए निरंतर गुहार लगा रहें हैं । विभिन्न उतार-चढाव के बाद हाल ही में राज्य स्तर पर नेतृत्व करने वाले तीन संगठनों ने एकता का प्रमाण देकर एक राज्य स्तरीय संघर्ष समिति का गठन कर अपनी लंबित मांगों के निराकरण के लिए सरकार और विभाग के विरुद्ध एक मोर्चा खोलने का मन बना लिया हैं ।

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