राजस्थान की सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने काली पट्टी धारण कर जताया शांतिपूर्ण विरोध

सार 

Rajasthan : में ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs) के कर्मचारियों ने आज राज्यभर में सुनियोजित तरीके से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के प्रथम चरण में काली पट्टी धारण कर विरोध का किया शांतिपूर्ण आगाज

विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 23 सितम्बर | राजस्थान की ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs-Lamps) के कर्मचारियों की वाजिब 4 सूत्रीय मांगों को लेकर राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (RCEJSC) की ओर से 31 अगस्त तक मांगों के निराकरण करवाने के लिए पूर्व में सहकारिता मंत्री से लेकर सहकारिता विभाग को ज्ञापन दिया गया था । लेकिन आज दिन तक किसी प्रकार की विभागीय स्तर पर पहल नहीं होने से प्रदेश की समस्त ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs-Lamps) में कार्यरत कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हैं ।

हाल ही में राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (RCEJSC) की ओर से प्रमुख शासन सचिव सहकारिता, रजिस्ट्रार सहकारी विभाग, जिला कलेक्टर एवं प्रशासक सीसीबी सहित 29 केंद्रीय सहकारी बैकों के प्रबंधक निदेशक के अलावा राज्य सरकार को विधिक नोटिस भेजा गया हैं । जिसके तहत आज राज्यभर के समस्त जिलों में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से कार्य बहिष्कार के प्रथम चरण में काली पट्टी धारण कर शांतिपूर्ण विरोध जताया हैं ।

वही कार्यक्रम की रूप रेखा के मुताबिक 26 सितंबर को राजस्थान के जिला स्तरीय उप रजिस्ट्रार एवं सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां कार्यालय के आगे एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया जाना निर्धारित है। वही 26 सितंबर के एक दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन किए जाने पर भी सरकार, राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (RCEJSC) की 4 सूत्रीय मांगपत्र पर यदि हठधर्मिता के कारण कोई संज्ञान या निर्णय नहीं करती है, तो मजबूरन पैक्स कर्मचारियों द्वारा 29 सितंबर से पैक्स कंप्यूटराइजेशन, फसली ऋण वितरण एवं वसूली सहित, सहकार सदस्यता अभियान के साथ विभाग की सभी योजनाओं का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा ।

अपने-अपने जिलों में पदाधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर किया कार्य

राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (RCEJSC) के संयोजक हनुमानसिंह राजावत, मदन मैनारिया एवं सदस्य बलदेवाराम गेट, नरपतसिंह चारण, सत्यनारायण तिवाड़ी, देवेन्द्र कुमार सैदावत ने समिति परिसर में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया । इसी तरह राजस्थान की ग्राम सेवा सहकारी समिति के एक व्यवस्थापक ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर सहकारिता विभाग की तरह मौन धारण कर प्रदर्शन किया । वही राजस्थान के कई व्यवस्थापकों ने तो सिर पर काली पट्टा धारण कर विरोध जताया हैं ।

कर्मचारियों की यह हैं मांगें

राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की 4 सूत्रीय मांग में प्रमुख रुप से प्रदेश की ग्राम सेवा सहकारी समितियां के कार्यरत कार्मिकों का जिला कैडर बनाते हुए नियोक्ता निर्धारण करने, केंद्रीय सहकारी बैंकों में ऋण पर्यवेक्षकों के रिक्त पदों पर समिति व्यवस्थापकों से ही शत प्रतिशत नियुक्ति के अलावा, 10 जुलाई 2017 से पहले प्रदेश की ग्राम सेवा सहकारी समितियां के नियुक्त कार्मिकों का नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने तथा ग्राम सेवा सहकारी समितियां के कार्मिकों की सेवा नियम 2022 में संशोधित करते हुए सेवा नियम कार्मिक विभाग द्वारा बनाए जाने की मांग शामिल हैं ।

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